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पंजाब विधानसभा ने भी नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में पारित किया प्रस्ताव

बहुमत से पारित किया गया प्रस्ताव,अकाली दल द्वारा लाए गए संशोधन नामंजूर

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कांग्रेस भवन में प्रदेश अध्यक्ष को बचाने के लिए बेटे ने बाउंसर भेजे

कांग्रेस

चंड़ीगढ़. पंजाब विधानसभा ने शुक्रवार को विशेष सत्र के दूसरे और अंतिम दिन संसद द्वारा पारित किए गए नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया। प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा सदन में पेश किए गए प्रस्ताव को मुख्य विपक्षी दल आम आदमी पार्टी ने भी समर्थन दिया। अकाली दल-भाजपा गठबन्धन ने प्रस्ताव का विरोध किया और संशोधन भी पेश किया जिसे स्पीकर राणा केपी ने नियमानुसार न लाए जाने का हवाला देते हुए नामंजूर कर दिया।
सदन में प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद लम्बी चर्चा कराई गई। चर्चा के जवाब में मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह बात समझ से बाहर है कि आखिर इस कानून को क्यों लाया गया। इस मुद््दे ने समूचे हिन्दुस्तान को हिला दिया। देश की जनता को संविधान की व्यवस्थाओं की जानकारी है। इसलिए इस कानून का विरोध किया जा रहा है। पिछले 72 साल के दौरान इस देश ने अपने को धर्मनिरपेक्ष ढांचे पर खड़ा किया था। अब इस ढांचे को तोड़ा जा रहा है।
अकाली दल और भाजपा गठबन्धन पर निशाना साधते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा कि संसद में मोदी का समर्थन कर बाहर कुछ और बयान दिया जाता है। अकाली सदस्यों की ओर देखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दिन पछताना पड़ेगा। भारत के लोग तो पूरी दुनिया में बसे हैं तो सभी को लिया जाए। इस देश की रक्षा में मुसलमानों ने भी खून बहाया है। आने वाली जनगणना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे पुरानी प्रणाली से ही कराया जाना चाहिए।
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