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बॉलीवुड-हॉलीवुड फिल्म निर्माताओं की पसंद है यह गांव

जयपुर जिले के गांव सामोद की ख्याति विदेशों तक है। विदेशी सैलानी जयपुर घूमने आते हैं तो इस गांव में जरूर जाते हैं। पर्यटन, धार्मिक और प्राकृतिक विशेषताओं के कारण पर्यटकों और फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करता रहा है।

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जयपुर . राजस्थान की राजधानी से मात्र 42 किलोमीटर दूर स्थित गांव सामोद आस्था व पर्यटन का ऐसा संगम है, जिसकी आसपास ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में भी पहचान है। गोविन्दगढ़ पंचायत समिति के गांव सामोद की आबादी 13,000 के करीब है। यहां सभी जाति के लोग निवास करते हैं।

चारों ओर अरावली की पहाड़ियां
अरावली की पहाड़ियों से घिरा होने के कारण सामोद हमेशा से ही पर्यटकों को लुभाता रहा है। यहां देश-विदेश से पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। पहाड़ी पर स्थित वीर हनुमान मंदिर व पहाड़ियों के बीच प्राचीन शक्तिपीठ महामाया मंदिर आस्था का केन्द्र है, जहां प्रतिवर्ष लक्खी मेले में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। दूसरी ओर सामोद शीश महल और विदेशी सैलानियों के ठहराव के लिए बना होटल सामोद पैलेस अपने हेरिटेज छटा के कारण विश्व मानचित्र में अपना स्थान दर्ज करा चुका है। जहां की भित्ति चित्रकारी, प्राचीन किले व सुरक्षा द्वार देखकर पर्यटक बरबस ही खिंचे चले आते हैं।

करण-अर्जुन जैसी फिल्मों की शूटिंग भी
बारिश में बहती नदियां, प्राकृतिक झरने व चारों ओर हरियाली हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है, जिससे बॉलीवुड भी अछूता नहीं रहा। सामोद में सैकड़ों हॉलीवुड व बॉलीवुड फिल्मों, टीवी धारावाहिक, रियलिटी शो, डाक्यूमेंट्री का निर्माण सामोद के प्राकृतिक वातावरण में हो चुका है। अमरसिंह राठौड़ से लेकर गौरा-काला, बंटवारा, लोहा, ऐलान-ए-जंग, कोयला, करण-अर्जुन, औजार, सोल्जर जैसी कई हिट फिल्मों का फिल्मांकन सामोद में हो चुका है।

विकास के मामले में भी आगे
सामोद ग्राम पंचायत विकास के मामले में अग्रणी पंचायतों में गिनी जाती है। गांव के सभी गली मोहल्लों में सीसी सड़क, साफ-सुथरी नालियां बनीं हुई है। गांव में सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय और निजी उच्च माध्यमिक विद्यालय संचालित है। साथ ही सामुदायिक चिकित्सालय, आयुर्वेदिक चिकित्सालय, पशु चिकित्सालय, पुलिस थाना, एसबीआई व ग्रामीण मरूधरा बैंक, एटीएम, पोस्ट ऑफिस, दुग्ध संकलन केन्द्र, सहकारी समिति, अटल सेवा केन्द्र आदि यहां मौजूद हैं।

लाख की चूडियाँ भी मशहूर
गांव के लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि व पशुपालन है। जहां गेहूं, जौ, चना, सरसों के साथ विभिन्न सब्जियों की खेती की जाती है। सामोद की गोभी, बेर व आंवले नाम से ही खरीदे व बेचे जाते हैं। यहां लाख की चूडिय़ां, लोहे से बने सामान, भित्ति व पेपर चित्रकारी, मिट्टी के बर्तन व खिलौने बनाने के व्यवसाय से कई लोग जुड़े हुए हैं। जिनकी मांग दूर-दूर तक है।

सामोद से नवरतन की रिपोर्ट