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तारबंदी योजना में जमीन की सीमा घटाई

नीलगाय व आवारा पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए राजस्थान सरकार की तारबंदी योजना में अब ट्राइबल क्षेत्र में रहने वाले किसानों के लिए जमीन की सीमा 1.5 हेक्टेयर से घटाकर 0.5 हेक्टेयर कर दी गई है। अनुदान राशि 100 रुपए प्रति मीटर के हिसाब से दी जा रही है।

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Kanchan Arora

Sep 11, 2023

तारबंदी योजना में जमीन की सीमा घटाई

तारबंदी योजना में जमीन की सीमा घटाई

2023-24 में बड़ा बदलाव
सामुदायिक आवेदन में 10 या अधिक कृषकों के समूह में न्यूनतम पांच हेक्टेयर में तारबंदी किए जाने पर लागत का 70 प्रतिशत या अधिकतम राशि 56000 रुपए जो भी कम हो, प्रति कृषक 400 रनिंग मीटर तक अनुदान दिया जाएगा। इसी के साथ ट्राइबल एरिया में अनु. जन जाति क्षेत्र में व्यक्तिगत आधार पर तारबंदी के लिए जमीन की सीमा 1.5 हेक्टेयर से घटाकर 0.5 हेक्टेयर कर दिया है। सामान्य किसानों के लिए अनुदान 50 प्रतिशत या अधिकतम 40000 रुपए देना तय किया है। लघु व सीमांत किसानों को लागत का 60 प्रतिशत या अधिकतम 48000 रुपए रखा गया है। यह योजना सरकार ने फ्लैक्सी फण्ड में नवाचार के रूप में चलाई थी। आवेदन के लिए जमाबंदी की नकल (छह माह से अधिक पुरानी नहीं हो), राजस्व विभाग द्वारा जारी खेत का नक्शा आदि दस्तावेज आवश्यक हैं।
भूमि एक ही स्थान पर होना आवश्यक
आवेदन कर्ता के पास भूमि एक ही स्थान पर होना आवश्यक है। 10 या अधिक कृषकों के समूह में न्यूनतम पांच हेक्टेयर भूमि निर्धारित पेरीफेरी में होना आवश्यक है।
444.40 करोड़ रुपए का प्रावधान
2023-24 बजट घोषणा में राजस्थान फसल सुरक्षा मिशन के अंतर्गत तारबंदी योजना में एक लाख किसानों को लाभान्वित करवाने के लिए चार करोड़ मीटर तारबंदी पर 444.40 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। आवेदन के उपरांत कृषि विभाग द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जाएगी। इसकी सूचना मोबाइल संदेश अथवा कृषि पर्यवेक्षक के द्वारा प्राप्त होगी।