अब तक एक हजार करोड़ से ज्यादा की मदद दी जा चुकी है। यह निरंतर जारी है। इसके अलावा कहीं पूरे शहर को भोजन करवाया जा रहा है तो कहीं सभी सरकारी अस्पतालों का खर्चा उठाया जा रहा है।
राजेश शर्मा
झुंझुनूं. देश पर जब-जब संकट आया है शेखावाटी के सेठों ने दिल खोलकर मदद की है। एक बार फिर जब कोरोना के कारण देश गहरे संकट में है सेठों ने अपना फर्ज निभाते हुए खजाना खोल दिया है। वे तन, मन और धन से देशवासियों की सेवा में जुट गए हैं। व्यापार से ज्यादा चिंता अब उनको अपने देश को महामारी से बचाने की है। अब तक एक हजार करोड़ से ज्यादा की मदद दी जा चुकी है। यह निरंतर जारी है। इसके अलावा कहीं पूरे शहर को भोजन करवाया जा रहा है तो कहीं सभी सरकारी अस्पतालों का खर्चा उठाया जा रहा है।
#birla group
आदित्य बिरला गु्रप
गु्रप के मालिक कुमार मंगलम बिरला अब तक 400 करोड़ रुपए पीएम सहायता कोष में तथा 100 करोड़ महाराष्ट्र व मुम्बई सरकार को दे चुके। कुल 500 करोड़ की मदद कर चुके। मुम्बई की स्थानीय सरकार को अस्पताल दे चुके। सरकारी अस्पतालों का खर्चा भी वहन कर रहे हैं। मूल रूप से पिलानी (झुंझुनूं)का यह औद्योगिक घराना कार्बन, रसायन, वस्त्र, बैंक, बीमा तथा अलौह धातुओं सहित अनेक कारोबारों से जुड़ा हुआ है। वे खुद तथा उनकी मां राजश्री बिरला और पत्नी नीरजा पिलानी आते रहते हैं।
#mittal
आर्सेलर/ निप्पौन स्टील
पूरी दुनिया में स्टील किंग के नाम से प्रसिद्ध लक्ष्मी निवास मित्तल ने संकट की घड़ी में सौ करोड़ रुपए का दान दिया है। मूल रूप से चूरू जिले के सादुलपुर कस्बे के रहने वाले लक्ष्मी निवास मित्तल आर्सेलर मित्तल व निप्पौन स्टील के मालिक हैं। विश्व के अनेक देशों में इनका कारोबार है। खुद भी कई बार सादुलपुर आ चुके। मित्तल ने इंग्लैण्ड सरकार को भी बड़ी धन राशि की मदद की है।
#vedenta
वेदांता ग्रुप
सीकर जिले के रींगस कस्बे के रहने वाले अनिल अग्रवाल इस गु्रप के मालिक हैं। उनकी पहचान जिंक के किंग की है। वे 101 करोड़ दे चुके तथा सौ करोड़ की घोषणा कर चुके। उनके जिंक का देश का सबसे बड़ा कारोबार है। इसके अलावा रिफाइनरी भी है। उन्होंने कहा कि उनको सबसे ज्यादा चिंता देश के मजदूरों की है। वे आगे भी सहायता करते रहेंगे।
#bajaj
बजाज गु्रप
पूरे देश में स्कूटर में क्रांति लाने वाले बजाज गु्रप ने संकट के दौर में सौ करोड़ रुपए की मदद की है। मूल रूप से सीकर जिले के काशी का बास का देश का बड़ा कारोबारी समूह है। जमनालाल बजाज इस ग्रुप के संस्थापक रहे हैं। राहुल बजाज इस ग्रुप के चेयनमैन हैं। वे सांसद भी रह चुके।
#dalmiya
डालमिया भारत
इस ग्रुप के मालिक पुनित डालमिया मूरू रूप से झुंझुनूं जिले के चिड़ावा के रहने वाले हैं। इस समूह ने पचास करोड़ रुपए दिए हैं। उत्तरप्रदेश व आसाम सरकार की भी मदद की है। इस ग्रुप की शुगर, सीमेंट व पेपर की अनेक कम्पनियां हैं। यह ग्रुप चिड़ावा में पानी बचाने का कार्य भी कर रहा है।
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#peeramal
पीरामल ग्रुप
झुंझुनूं जिले के बगड़ के मूल निवासी अजय पीरामल इस ग्रुप के मालिक हैं। इन्होंने संकट के समय 25 करोड़ रुपए की मदद की है। इस औद्योगिक घराने के पास दवा, रीयल स्टेट, पैकेजिंग ग्लास और फाइनेंस की कई कम्पनियां हैं। मुकेश अम्बानी और अजय पीरामल समधी हैं। मुकेश की बेटी ईशा की शादी अजय के बेटे आनंद से हुई है। अजय आइआइटी इंदौर के बोर्ड ऑफ गर्वनर के चेयरमैन भी हैं। राजस्थान के अनेक जिलों के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने का कार्य भी कर रहे हैं।
#ck birla
सीके बिरला ग्रुप
पिलानी के इस घराने ने 35 करोड़ रुपए की मदद की है। यह ग्रुप रबर, सीमेंट, पेपर व अस्पताल से जुड़ा हुआ है। ओरियंट कम्पनी भी इसी ग्रुप की है। कभी पूरे देश में प्रसिद्ध रही अम्बेसडर कार इसी ग्रुप की कम्पनी हिन्दुस्तान मोटर्स बनाती थी।
#jk singhaniya
जेके सिंघानिया ग्रुप
झुंझुनूं जिले के बिसाऊ कस्बे के इस ग्रुप ने आपदा की घड़ी में सौ करोड़ रुपए दान दिए हैं। यह ग्रुप पेपर, सीमेंट का बड़ा कारोबार करता है। इसके अलावा भी इनकी अनेक कम्पनियां हैं।
#reymands
इन्होंने भी की मदद
-बिसाऊ का सिंघानिया समूह(रेमंड कम्पनी)
-खेतान ग्रुप झुंझुनूं
-डूंडलोद का आरपी गोयनका समूह(सीएट टायर)
-चिड़ावा में नरोत्तम शेखसरिया ग्रुप
-नवलगढ़ के कमल व गौतम मोरारका समूह