प्रदेश में घर-घर शौचालय बना कर गांवों को शौच मुक्त करने में सरकार प्रचार-प्रसार के नाम पानी की तरह पैसा बहा रही है, जबकि हकीकत यह है कि 19 जिलों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पिछले एक वर्ष से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक श्रवण कुमार बुनकर के पत्र की आदेश की पालना नहीं कर रहे हैं।
रोचक तो यह है कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक बेसलाइन सर्वे के लिए प्रदेश के 19 जिलों को 8 अप्रेल 2015 से 8 फरवरी 2016 तक छह बार पत्र लिख चुके हैं, लेकिन इन जिलों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने आज तक उनको बेसलाइन सर्वे (2012 के सर्वे के बाद छूटे परिवार) की सूची नहीं भिजवाई है। इससे 2012 के सर्वे में जिन परिवारों के घरों में शौचालय नहीं है और उनका नाम उस सूची में नहीं आया है, उनको लाभ नहीं मिल पा रहा है। यही कारण है कि आज अधिकांश ग्राम पंचायतों के गांवों में लोग सुबह उठते ही हाथ में पानी का डिब्बा लेकर शौच के लिए खेतों की राह पकड़ रहे हैं।
ये जिले बरत रहे हैं लापरवाहीग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सूत्रों के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) के निदेशक बुनकर ने अजमेर, झालावाड़ अलवर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, भरतपुर,बूंदी, चित्तौडग़ढ़, चूरू, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, जालौर, करौली, प्रतापगढ, राजसंमद, सिरौही, टोंक व उदयपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को बार-बार पत्र लिखे।
कब-कब लिखे स्मरण- पत्रपत्र क्रमांक तिथि
583 8 अप्रेल 2015
937 4 जून 2015
1565 26 अगस्त 2015
1946 15 अक्टूबर 2015
2177 24 नवम्बर 2015
2616 8 फरवरी 2016
सीईओ ने विकास अधिकारियों को दिए निर्देशमुख्य कार्यकारी अधिकारी ने जिले के दौसा, बांदीकुई, लवाण, लालसोट, महुवा व सिकराय विकास अधिकारियों को स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) के पत्रों का हवाला देते हुए बेसलाइन सर्वे के आंकड़ों को अपडेट करने के अति आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने विकास अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि 15 फरवरी तक ग्राम पंचायतवार बेसलाइन सर्वे के आंकड़ों को एक्साई नहीं किया और पात्र परिवारों के योजना में शौचालय निर्माण नहीं हो पाए तो ग्राम सचिवों के साथ कार्यवाही के लिए विकास अधिकारी भी जिम्मेदार रहेंगे।
अब आंकड़े नहीं भेजे तो होगी कार्रवाईसभी विकास अधिकारियों को अति आवश्यक पत्र लिखा जा चुका है। उनको हिदायत दी है कि यदि अब बेस लाइन सर्वे सूची नहीं भेजी तो उनके साथ ग्राम सचिवों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।- राजेन्द्र कविया, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद दौसा।