एकता ट्रस्ट के अध्यक्ष अब्दुल रहमान ने बताया कि प्रशासन से शव का कब्जा
लेने के बाद सर्वप्रथम अहमदाबाद मे ही अंतिम संस्कार की कोशिश की गई, लेकिन एक साथ
इतने शवों की अंतिम क्रिया करने से मना कर दिया गया। जबकि सूरत मे अश्विनी कुमार
श्मशान घाट के संचालक नारायण ट्रस्ट के पदाधिकारी बिना शुल्क शवों को सद्गति देने
के लिए तैयार हो गए।