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पेंचीदा उलझन में उलझा सर्विस रोड और नालों का निर्माण कार्य

-जीआर इन्फ्रा ने वेलकिन कंपनी को दिया 50 करोड़ में निर्माण कार्य का कॉन्ट्रेक्ट -कंपनी के अथॉरिटी के देहांत से खड़ी हुई समस्या -सर्विस रोडों सहित नाला निर्माण कार्य में हो सकती है देरी धौलपुर.नेशनल हाइवे 44 स्थित सर्विस रोडों और नालों के बनने की प्रक्रिया पेंचीदा हालातों में उलझकर रही गई है। दरअसल जीआर […]

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पेंचीदा उलझन में उलझा सर्विस रोड और नालों का निर्माण कार्य The construction of service roads and drains is entangled in a complicated mess

-जीआर इन्फ्रा ने वेलकिन कंपनी को दिया 50 करोड़ में निर्माण कार्य का कॉन्ट्रेक्ट

-कंपनी के अथॉरिटी के देहांत से खड़ी हुई समस्या

-सर्विस रोडों सहित नाला निर्माण कार्य में हो सकती है देरी

धौलपुर.नेशनल हाइवे 44 स्थित सर्विस रोडों और नालों के बनने की प्रक्रिया पेंचीदा हालातों में उलझकर रही गई है। दरअसल जीआर इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी ने सर्विस रोड और नाले बनाने का जिम्मा वेलकिन कंपनी को दिया था, लेकिन गत दिन पहले कंपनी के अथॉरिटी यानी मालिक का देहांत होने से मामला उलझ गया है। जिस कारण सर्विस रोडों के बनने की प्रक्रिया में अभी और समय लग सकता है।

नेशनल हाइवे 44 को चमकाने, सर्विस रोडों का निर्माण और हाइवों पर बनने वाले ब्रिजों के निर्माण सहित अन्य कार्यों का जिम्मा अहमदाबाद की कंपनी जीआर इन्फ्रा को 5 हजार करोड़ में दिया गया था। यह काम धौलपुर से लेकर मप्र के बानमोर कस्बे तक कंपनी को करना था। जिसके बाद जीआर इन्फ्रा कंपनी ने धौलपुर जिले की सीमा में आने वाली 6-6 यानी 12 किमी सर्विस रोडों, नालों का निर्माण सहित वाटर वक्र्स और सदर थाना पर बनने वाले ब्रिज निर्माण का ठेका वेलकिन कंपनी को 50 करोड़ में दिया। वेलकिन ने भी सर्विस रोडें और नाला बनाने का ठेका अन्य को दे दिया, लेकिन गत दिनों वेलकिन कंपनी के अथॉरिटी के देहांत के बाद मामला उलझ गया है, क्योंकि सर्विस रोडें और नाला निर्माण का समझौता जीआर और वेलकिन के बीच हुआ है। वेलकिन के अथॉरिटी की मौत के बाद कंपनी का कर्ता धर्ता नहीं होने से मामला पेंचीदा हो चुका है। बताया जा रहा है कि जीआर और वेलकिन के बीच कुछ कागजी कार्रवाई पूरी नहीं हो सकीं थीं तो वहीं वेलकिन कंपनी ने भी अपना कार्य प्रारंभ करने के लिए 10 से 15लाख रुपए का इन्वेस्ट कर दिया। अब अथॉरिटी की मौत के बाद वेलकिन कंपनी के अन्य कर्ता धर्ताओं को कागजी कार्रवाई पूर्ण न होने से डर सता रहा है। जिस कारण वेलकिन कंपनी ना ही इस प्रोजेक्ट को छोड़ पा रही हैं और ना ही कार्य पूर्ण कर पा रही है।

अब जीआर इन्फ्रा ही करेगी निर्माण

जानकारी के अनुसार वेलकिन कंपनी को सर्विस रोडों सहित नालों का निर्माण कार्य 8 मार्च से प्रारंभ करना था। लेकिन कंपनी के अथॉरिटी की मौत के बाद मामला पेंचीदा हो गया। हालांकि नेशनल हाइवे 44 से संंबंधित अधिकारियों का कहना है कि सर्विस रोडों और नालों का निर्माण अब जीआर इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी ही करवाएगी और यह कार्य जल्द ही प्रारंभ होगा। जिसको लेकर तैयारियां भी प्रारंभ कर दी गई हैं।

सर्विस रोडों की हालत हुई बदतर

नेशनल हाइवे 44 के दोनों ओर बनी सर्विस रोडों का हाल बेहाल है। एनएचएआई की तरफ से सिर्फ और सिर्फ आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिल रहा, जबकि दोनों ओर की सर्विस रोडें जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं। सडक़ों में एक से दो फीट तक गहरे गड्ढ़े बड़े हादसों का कारण बन रहे हैं। थोड़ी सी बारिश में तो यह समस्या और विकराल रूप धारण कर लेती है। जिसके बाद यह सर्विस रोडें किसी दलदल से कम प्रतीत नजर नहीं आती। जिनमें से निकलते हुए दोपहिया वाहन चालक सहित राहगीर तक आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं।

नारायण ढाबे से सागरपाड़ा तक होना है सर्विस रोडों का निर्माण

एनएचएआई ने नेशनल ग्रीन एक्सप्रेस वे बनाने वाली कम्पनी जीआर इन्फ्रा को सर्विस रोडों के निर्माण के साथ नेशनल हाइवे 44 की डेंटिंग, पेंटिंग यानी मेंटेनेंस का कार्य सहित हाइवे पर बनने वाले ब्रिजों का टेंडर दिया है। जीआर इन्फ्रा कंपनी नाराण ढाबा से सागरपाड़ा तक दोनों ओर की 6-6 किलोमीटर यानी 12 किमी सर्विस रोडों का निर्माण करना है, यह निर्माण आरसीसी का किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी मचकुण्ड चौराहे पर फ्लाई ओवर का भी निर्माण करेगी। फ्लाई ओवर निर्माण के लिए गत दिनों पहले मिट्टी परीक्षण भी किया जा चुका है। तो वहीं जलभराव और पानी की समस्या को दूर करने सर्विस रोडों के दोनों तरफ नालों का भी निर्माण कराया जाएगा। जिससे आगामी दिनों में किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो सके।

सर्विस रोडों का निर्माण कार्य जल्द ही प्रारंभ किया जाएगा। यह निर्माण कार्य अब जीआर इन्फ्रा कंपनी ही कराएगी।

-भारत कुलश्रेष्ठ,इंजीनियर नेशनल हाइवे 44