
Vietnam war : इसलिए वियतनाम युद्ध नहीं जीत सका अमरीका
वियतनाम युद्ध से जुड़े कई मिथकों में एक यह भी है कि यदि वाशिंगटन में राजनेता और प्रदर्शनकारियों ने जनरलों को नहीं रोका होता तो अमरीकी सेना युद्ध जीत सकती थी। पुस्तक ‘वेजिंग पीस इन वियतनाम’ में डेविड कॉरट्रेट लिखते हैं, 1970 के दशक की शुरुआत में अमरीकी सेना किसी भी हालत में युद्ध जीतने में सक्षम थी। लेकिन 1971 में सैनिकों का बिना बताए नदारद रहने की प्रवृत्ति बढ़ गई थी। सैनिकों को अनुशासन कमजोर हो रहा था। 1971 तक सेना ने खुद सैनिकों द्वारा सैन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचाने के 500 मामले दर्ज किए थे। सबसे बड़ी बात तो यह कि युद्ध का विरोध करने वालों में कई सैन्य अधिकारी और सैनिक भी थे।
1970 के दशक में अमरीकी सेना घर में ही पूरी तरह विभाजित थी। काफी संख्या में अमरीकी युद्ध के खिलाफ हो गए थे। बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। 700 दिग्गजों ने व्हाइट हाउस के आगे अपने पदक फेंक दिए। किताब वियतनाम के प्रचलित सत्य से पर्दा हटाती है। किताब अमरीका ही नहीं, यूरोप, एशिया और यहां तक कि आइसलैंड में सैनिकों के व्यापक विरोध को सामने लाती है।
नरसंहार देख विचलित हो गया था अमरीकी सैनिक
युद्ध में अमरीकी पायलट हृयूग थॉम्प्सन ने जब माइ लाइ (दक्षिण वियतनाम का गांव) में मरे हुए वियतनामी महिलाएं, बच्चे और बूढ़ों के क्षत-विक्षत शव देखे तो द्रवित हो गए। उन्होंने हेलीकॉप्टर को नीचे उतारा और कुछ गंभीर घायलों को इलाज के लिए भेजकर उनकी जान बचाई। इसके बाद अमरीकी कांग्रेस में पेशी के बाद थॉम्प्सन को देश के प्रति वफादारी नहीं दिखाने पर दंडित किया गया था।
Published on:
14 Jan 2020 04:43 pm
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