
Pratibha Patil
भारत के 12वें राष्ट्रपति के रूप में पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिहं
पाटील ने 25 जुलाई 2007 को देश के राष्ट्रपति पद की शपथ ली। उन्होंने 2007 से 2012
तक देश के राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार सम्भाला। भारत की पहली महिला राष्ट्रपति
होने का गौरव पाने वाली प्रतिभा देवी सिंह पाटील का जन्म 19 दिसम्बर 1934 को नदगांव
महाराष्ट्र में हुआ था। उन्होंने मूलजी जेठा कॉलेज से राजनीति विज्ञान और
अर्थशास्त्र में स्त्रातक और सरकारी लॉ कॉलेज, मुम्बई से लॉ की उपाधि ली।
पाटील ने अपना राजनीतिक सफर 1962 में अपने गृह क्षेत्र जगलोन से विधायक
बनने से शुरू किया। उसके बाद 1967 से 1985 तक चार विधानसभा चुनावों में विधायक चुनी
गई। 1985 और 1990 में राज्य सभा संसद सदस्य के रूप में चुनी गई। 1991 में अमरावती
लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुुनी गई। पटेल महाराष्ट्र विधान सभा सदस्य रहते हुए राज्य
सभा और लोकसभा में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। कुछ समय के लिए उन्होनें
महाराष्ट्र कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और नेशनल फेडरेशन ऑफ अरबन कोे-ऑपरेटिव बैंक
के निदेशक का कार्यभाल सम्भाला। 8 नवम्बर 2004 में पाटिल ने राजस्थान के राज्यपाल
पद की शपथ लेकर पद भार ग्रहण किया।
14 जून 2007 को यूपीए सरकार द्वारा देश
के राष्ट्रपति पद के लिए मनोनित किया गया। राष्ट्रपति के रूप में पाटिल ने कई
महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने अपहरण, दुष्कर्म और बच्चों की हत्या को रोकने की
लिए कड़े कदम उठाए। अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान विदेश यात्रा पर ज्यादा पैसा
खर्च करने के कारण उन्हें काफी अलोचना भी झेलनी पड़ी। जुलाई 2012 को प्रतिभा पाटिल
अपने 5 वर्ष के राष्ट्रपति कार्यकाल से सेवानिवृत हो गईं।
Published on:
25 Jul 2015 09:32 am
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