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14 स्कूलों में बनेंगे 35 लाख से अधिक राशि में शौचालय, मार्च एंड में राशि ठिकाने लगाने की कवायद!

- चंबल कॉलोनी मिडिल स्कूल में पहले से चार शौचालय - एक पांच महीने पूर्व ही बनाया गया था फिर भी नया बनाया जा रहा शौचालय - ढाई लाख में पीएम आवास बनता है, वहीं शिक्षा विभाग इससे अधिक राशि में शौचालय का निर्माण करवा रहा है

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मुरैना. जिला शिक्षा केन्द्र द्वारा जिले के 14 शासकीय स्कूलों में 35 लाख से अधिक राशि से शौचालयों का निर्माण करवाया जा रहा है। इनमें ऐसे स्कूल भी शामिल हैं, जिनमें पहले से ही एक से अधिक शौचालय बने हुए हैं। खबर है कि वर्ष भर के बजट का उपयोग नहीं किया तो मार्च महीने में बजट लेप्स हो जाता है इसलिए बजट को ठिकाने लगाने की कवायद की जा रही है।
शासकीय स्कूलों में निर्माण होने वाले एक शौचालय पर ढाई लाख से अधिक की राशि जारी की गई है। नियमानुसार इन शौचालय का निर्माण उन स्कूलों में होना था जिनमें शौचालय नहीं हैं लेकिन उनको तो विभाग भूल गया, जिनमें शौचालय पहले से बने हुए हैं, उनमें निर्माण करवाया जा रहा है। शहर की चंबल कॉलोनी मिडिल स्कूल में पहले से ही चार शौचालय बने हुए हैं। एक शौचालय तो करीब पांच महीने पूर्व ही बना था, उसके बाद भी नया शौचालय निर्माण करवाया जा रहा है। विभाग के इंजीनियर कार्यालय में बैठकर काम करते हैं, अगर फील्ड में पहले सर्वे की होती तो जहां आवश्यकता थी, वहीं शौचालय बनते।
आवश्यकता थिी बाउंड्री की, बनाया जा रहा शौचालय
चंबल कॉलोनी मिडिल स्कूल में बाउंड्री की आवश्यकता थी। पूरा कैम्पस खुला रहता था। जिससे आवारा जानवरों का भय रहता था। वहीं पूरा कैम्पस असुरक्षित था। बाउंड्री का निर्माण भी शुरू कर दिया साथ में शौचालय का निर्माण करवाया जा रहा है। वह भी बच्चों की कक्षाओं से काफी दूर बनाया जा रहा है। जो शौचालय पहले से बने हैं, उनकी न सफाई होती है न मरम्मत कराई गई।
इन स्कूलों में बनने हैं शौचालय
शहर के चंबल कॉलोनी मिडिल स्कूल, सरायछौला, नावली, नौगांव, फड़ का पुरा बानमोर सहित 14 स्कूलों में शौचालयों का निर्माण होना हैं। चंबल कॉलोनी में निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। जहां वेसमेंट बहुत कमजोर तैयार किया गया है।
कथन

  • आगामी समय में लोकसभा चुनाव होना हैं इसलिए जहां मतदान केन्द्र हैं, वहां शौचालयों के निर्माण कराए जा रहे हैं। पहले से जो शौचालय हैं, वह क्षतिग्रस्त पड़े हैं।ए के कुलश्रेष्ठ, सहायक यंत्री, जिला शिक्षा केन्द