
समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली परंपरा है वीरशैव
हुब्बल्ली
बालेहोन्नूरु श्री रंभापुरी के डॉ. वीरसोमेश्वर शिवाचार्य ने कहा है कि भगवान वीरभद्र का अवतार दुष्टों के दमन तथा भक्तों की रक्षा के लिए हुआ था।
वे आंध्रप्रदेश के रायचोटी क्षेत्र के वीरभद्र स्वामी रथोत्सव के दस साल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हुब्बल्ली शहर में श्री वीरभद्रस्वामी रथोत्सव सेवा समिति की ओर से आयोजित जागरूकता धर्म सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि धर्म का विनाश करने वाले भी हर युग में हुए हैं। समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली वीरशैव परंपरा को आज कुछ लोग साजिश कर तोडऩे का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वे इसमें कभी सफल नहीं हो सकते। उन्होंने अध्यात्म के बारे में समझाते हुए कहा कि सत्ता, धन-संपत्ति सब कुछ होने के बावजूद भी आज इंसान को सुकून क्यों नहीं मिल पा रहा है? इसका सिर्फ एक ही कारण है कि उसके जीवन में धर्म-अध्यात्म का स्थान रिक्त है, इसलिए ऐसा हो रहा है।
इस मौके पर आंध्रप्रदेश कडपा जिले के एंडोमेंट विभाग के सहायक आयुक्त शंकर बालाजी ने कहा कि दक्षिण भारत में स्थित रायचोटी वीरभद्र मंदिर धर्म-आध्यात्म के क्षेत्र में विशेष स्थान रखता है, बालेहोन्नूर के संत की मौजूदगी में धर्म सम्मेलन आयोजित होना गौरव का विषय है। इस मौके पर रायचोटी श्री वीरभद्रस्वामी मेला महोत्सव समिति की अध्यक्ष विजया दशरथ रामरेड्डी तथा मंदिर के कार्यकारी टी. मंजुला ने भी विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर तुमकूरु जिला सिद्दरबेट्ट क्षेत्र के वीरभद्र स्वामी, हुब्बल्ली तालुक सुल्ल पंचगृह हिरेमठ के शिवसिद्धरामेश्वर, चिक्कमगलूरु जिला बेरुगुंडी ब्रह्ममठ के रेणुका महांतस्वामी आदि उपस्थित थे।
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Published on:
27 Feb 2020 09:43 pm

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