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वैश्विक राजनीति के गलियारों में बढ़ रहा महिलाओं का प्रतिनिधित्व

विश्व में सबसे ज्यादा महिलाओं का प्रतिनिधित्व रवांडा की संसद में है, जहां निचले सदन चैंबर ऑफ डेप्युटीज में उनकी प्रभावशाली 61.3 प्रतिशत सीटे हैं। इसके बाद क्यूबा और निकारगुआ का स्थान है। यहांं संसदीय सीटों पर क्रमश: 55.7 फीसदी और 53.9 फीसदी महिलाएं हैं।

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जयपुर

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Kiran Kaur

Mar 08, 2024

वैश्विक राजनीति के गलियारों में बढ़ रहा महिलाओं का प्रतिनिधित्व

वैश्विक राजनीति के गलियारों में बढ़ रहा महिलाओं का प्रतिनिधित्व

पेरिस। सत्ता के गलियारों में भले ही धीमा ही सही महिला प्रतिनिधित्व बढ़ रहा है। अंतर-संसदीय संघ (आइपीयू) की रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर 2023 की शुरुआत में महिलाओं की जो हिस्सेदारी 26.5 फीसदी थी, वह इस साल के प्रारंभ में बढ़कर 26.9 प्रतिशत हो गई। विश्व में सबसे ज्यादा महिलाओं का प्रतिनिधित्व रवांडा की संसद में है, जहां निचले सदन चैंबर ऑफ डेप्युटीज में उनकी प्रभावशाली 61.3 प्रतिशत सीटे हैं। इसके बाद क्यूबा और निकारगुआ का स्थान है। यहांं संसदीय सीटों पर क्रमश: 55.7 फीसदी और 53.9 फीसदी महिलाएं हैं।

कहीं महिला बहुमत तो कहीं समता वाली संसद:

पिछले साल संसदीय चुनाव कराने वाले 52 देशों में निर्वाचित या नियुक्त सांसदों में 27.6 प्रतिशत महिलाएं थीं। इन देशों में पूर्व में हुए चुनावों की तुलना में 1.4 फीसदी का सुधार देखा गया। क्यूबा ने महिला-बहुमत वाली संसद चुनी। जबकि संयुक्त अरब अमीरात में लगातार दूसरी बार समानता वाली संसद बनी। कुछ देशों में महिला अधिकारों के खिलाफ प्रतिक्रिया के बीच चुनावों में लैंगिक मुद्दे हावी रहे। जबकि कई प्रमुख महिलाओं ने परेशान होकर और धमकियों को जिम्मेदार ठहराते हुए राजनीति छोड़ने का फैसला किया।

प्रतिनिधित्व बढ़ाने में आरक्षण की भी भूमिका:

चुनौतियों के बावजूद अमरीका, महिलाओं के प्रतिनिधित्व में अग्रणी रहा है। यह क्षेत्र विश्व में महिलाओं के उच्चतम प्रतिनिधित्व वाले भौगोलिक क्षेत्र के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखता है। रिपोर्ट में कहा गया कि कोटा सिस्टम ने महिलाओं की हिस्सेदारी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसका प्रभाव बेनिन, एस्वातिनी और सियरा लियोन जैसे देशों में देखा गया है।

महिला अध्यक्षों की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी:

वैश्विक संसदों में पिछले एक साल के दौरान महिला अध्यक्षों की हिस्सेदारी बढ़कर 23.8 फीसदी (1.1 प्रतिशत अंक अधिक) हो गई। कंबोडिया और कोटे डी आइवर में पहली बार महिला स्पीकर चुनी गईं। भारतीय संसद में भी महिलाओं की संख्या में बढोतरी हुई है। देश ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सभी सीटों में से एक तिहाई महिलाओं के लिए आरक्षित करने वाला एक कानून पारित किया है। इससे आधी आबादी के प्रतिनिधित्व में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

संसदों में महिलाओं का औसत, 2024

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