
पंकज मीणा। फोटो: पत्रिका
दौसा। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएसएसी) की सिविल सर्विस परीक्षा 2025 के घोषित अंतिम परिणाम में दौसा जिले के लिए गौरव का क्षण सामने आया है। जिले के कई युवाओं ने सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि इन प्रतिभाओं की जड़ें छोटे-छोटे गांवों से जुड़ी हैं, हैं, जहां सीमित संसाधनों के बीच पले-बढ़े इन युवाओं ने मेहनत मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में अपना स्थान बनाया। इनकी सफलता ने जिले के युवाओं के लिए नई प्रेरणा और उम्मीद की किरण जगाई है।
नांगल राजावतान उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत प्यारीवास के पंकज मीणा ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया 841वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। किसान परिवार से निकलकर मिली इस सफलता से गांव और परिवार में खुशी का माहौल है। पंकज वर्तमान में बेंगलुरु में आयकर विभाग में इंस्पेक्टर पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने शुरू से ही यूपीएससी में चयन का लक्ष्य तय किया और नौकरी के साथ प्रतिदिन 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई जारी रखी। चौथे प्रयास में उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की।
पंकज के पिता रामजी लाल मीणा लघु किसान हैं, जो खेती और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते रहे। मां हीरा देवी ने घर संभालते हुए बेटे का हौसला बढ़ाया। पांच भाई-बहनों में सबसे बड़े होने के कारण कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारियां भी उनके कंधों पर थीं, लेकिन उन्होंने पढ़ाई का लक्ष्य नहीं छोड़ा। वर्ष 2018 में आयकर विभाग में इंस्पेक्टर पद पर चयन होने के बाद भी उन्होंने प्रशासनिक सेवा का सपना जारी रखा। परिजनों के अनुसार उनके जीजा कैप्टन फैली राम मीणा आरएएस अधिकारी हैं, जिनसे मिली प्रेरणा ने पंकज को लक्ष्य तक पहुंचने का हौसला दिया। उनकी सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।
महुवा क्षेत्र के आंतरहेड़ा गांव के प्रतिभाशाली युवक अंकित जारवाल ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में 205वीं रैंक प्राप्त कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह उनका दूसरा प्रयास था। पहले प्रयास में ही उन्होंने भारतीय राजस्व सेवा में स्थान प्राप्त किया था और अब सिविल सेवा परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए नई ऊंचाई हासिल की है।
परीक्षा परिणाम घोषित होते ही आंतरहेड़ा गांव सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की। अंकित के पिता जगमोहन मीणा पेशे से अध्यापक हैं, जबकि माता ललिता मीणा डाक विभाग में पोस्ट मास्टर के पद पर कार्यरत हैं। परिवार के शैक्षणिक वातावरण और निरंतर प्रोत्साहन ने अंकित को लक्ष्य तक पहुंचने में मजबूत आधार दिया। बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे अंकित ने अनुशासन, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ यह मुकाम हासिल किया।
सिविल सेवा की तैयारी में अंकित को उनके मामा राहुल मीणा से भी विशेष प्रेरणा और मार्गदर्शन मिला, जो भारतीय वन सेवा के अधिकारी हैं। उनके अनुभव और सलाह ने अंकित को कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच आगे बढ़ने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अंकित की इस सफलता से क्षेत्र के युवाओं को नई प्रेरणा मिली है।
राहुवास तहसील के अरण्या कलां गांव निवासी किसान मुरारीलाल शर्मा के पुत्र आशीष शर्मा ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में 722वीं रैंक हासिल कर परिवार और पूरे लालसोट क्षेत्र का मान बढ़ाया है। खास बात यह रही कि आशीष ने यह सफलता सेल्फ स्टडी के दम पर प्राप्त की और लगातार असफलताओं के बावजूद धैर्य बनाए रखते हुए चौथे प्रयास में लक्ष्य हासिल कर लिया। आशीष वर्तमान में सवाई माधोपुर जिले की बौली तहसील के कोड्याई गांव के राजकीय विद्यालय में शिक्षक पद पर कार्यरत हैं। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और कड़ी मेहनत से आखिरकार यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
शुक्रवार को जैसे ही उनकी सफलता की खबर गांव और क्षेत्र में पहुंची, खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और परिजनों ने आशीष का जोरदार स्वागत किया और सम्मान स्वरूप उन्हें घोड़ी पर बैठाकर गांव में जुलूस निकाला गया। विधायक रामबिलास मीना ने भी आशीष शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता से क्षेत्र के युवाओं को नई प्रेरणा मिलेगी और वे भी बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए आगे बढ़ेंगे।
महुवा तहसील के ग्राम गोयावास निवासी सानिध्या पुत्र बृजमोहन मीना ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा 2025 में शानदार सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने ऑल इंडिया स्तर पर 480वीं रैंक तथा एसटी वर्ग में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। सानिध्या ने बताया कि मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने वर्ष 2024 में दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में आईआईटी की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद सिविल सेवा का लक्ष्य तय कर प्रथम प्रयास में ही सफलता प्राप्त की। उनकी प्रारंभिक शिक्षा महुवा में हुई, जबकि आगे की पढ़ाई जयपुर के प्रतापनगर से की। वर्ष 2020 में आईआईटी प्रवेश परीक्षा में भी एसटी वर्ग में 53वीं रैंक हासिल की थी।
सानिध्या के पिता बृजमोहन मीना सार्वजनिक निर्माण विभाग महुवा में अधिशासी अभियंता हैं, जबकि दादा नाथूलाल मीना किसान हैं। परिवार में शिक्षा का माहौल रहा है। बड़े भाई राहुल कुमार आईआईटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कर चुके हैं और यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। बड़ी बहन अंजलि महारानी कॉलेज से स्नातक और दो विषयों में स्नातकोत्तर कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं।
Published on:
07 Mar 2026 02:19 pm
बड़ी खबरें
View Allदौसा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
