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दुनिया की सबसे पुरानी लकड़ी की संरचना जाम्बिया में मिली

ब्रिटेन में लिवरपूल विश्वविद्यालय के पुरातत्वविद् लैरी बरहम के अनुसार 2019 में जाम्बिया में 235 मीटर ऊंचे कलम्बो झरने के पुरातात्विक स्थल पर इस लकड़ी की खोज अचानक हुई। खोज ने पुरातत्वविदों की प्राचीन मनुष्यों के बारे में समझ को बदल दिया है। शोध हाल ही नेचल जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

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जयपुर

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Kiran Kaur

Sep 22, 2023

दुनिया की सबसे पुरानी लकड़ी की संरचना जाम्बिया में मिली

दुनिया की सबसे पुरानी लकड़ी की संरचना जाम्बिया में मिली

लुसाका। जाम्बिया में पुरातत्वविदों ने दुनिया की सबसे पुरानी लकड़ी की संरचना का पता लगाया है। यह 4,76,000 साल पुरानी है। संरक्षित संरचना पर दो कटाव के निशान हैं, जो दिखाते हैं कि इसे बनाने में दो बड़े लट्ठों को जोड़ने के लिए पत्थर के औजारों का उपयोग किया गया था। ब्रिटेन में लिवरपूल विश्वविद्यालय के पुरातत्वविद् लैरी बरहम के अनुसार 2019 में जाम्बिया में 235 मीटर ऊंचे कलम्बो झरने के पुरातात्विक स्थल पर इस लकड़ी की खोज अचानक हुई। खोज ने पुरातत्वविदों की प्राचीन मनुष्यों के बारे में समझ को बदल दिया है। शोध हाल ही नेचल जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

खुदाई स्थल से लकड़ी की अन्य वस्तुएं भी बरामद : पुरातत्वविद् 2006 के दौरान भी यहां पर खुदाई कर रहे थे। उसे आगे बढ़ाने के क्रम में वे 2019 में कलम्बो झरने पर पहुंचे। खोज के दौरान हुए उन्हें लकड़ी के औजारों का संग्रह मिला। बरामद की गई लकड़ी की वस्तुओं में से पहली, लगभग 3,90,000 साल पहले की एक खुदाई करने वाली छड़ी थी। अन्य वस्तुओं में एक पच्चर, दोनों सिरों से कटा हुआ लट्ठा भी था। संरचना दर्शाती है कि जिसने भी उन्हें एक साथ फिट किया, वह कुछ बड़ा निर्माण कर रहा था। अनुमान है कि लकड़ी की यह संरचना नदी किनारे बैठने और मछली पकड़ने, घर की नींव तैयार करने, चबूतरा या पैदल मार्ग बनाने के लिए तैयार की गई होगी।

ल्यूमिनसेंस डेटिंग से पता लगाई सटीक समयावधि: वैज्ञानिकों ने इस संरचना को होमो हीडलबर्गेंसिस का काम बताया, जो इस क्षेत्र में रहने वाले आधुनिक मनुष्यों के पूर्वज थे। होमो हीडलबर्गेंसिस के जीवाश्म यहां पहले भी मिले हैं। लकड़ी की कलाकृतियां पहली बार 1950 के दशक में यहां खोजी गईं, लेकिन तब वैज्ञानिक उनके सही समय का पता नहीं लगा सकते थे। अब पुरातत्वविदों ने ल्यूमिनसेंस डेटिंग तकनीक का प्रयोग किया, जिसमें खोज के आसपास की रेत में मौजूद खनिजों के आखिरी बार सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने के समय को मापकर उम्र तय की जाती है।

महीन तलछट ने संरचना को रखा संरक्षित: खोज इस दृष्टिकोण को चुनौती देती है कि पाषाणकालीन मनुष्य खानाबदोश थे। कलम्बो झरने ने उन्हें पानी का निरंतर स्रोत प्रदान किया और आसपास के जंगल ने अधिक स्थायी संरचनाएं बनाने में पर्याप्त लकड़ी की आपूर्ति की होगी। खोज इसलिए खास है क्योंकि प्राचीन लकड़ी सड़ जाती है और ऐतिहासिक रेकॉर्ड के लिए बहुत कम निशान छोड़ती है। वैज्ञानिकों ने पाया कि इस लकड़ी को ऑक्सीजन की कमी और संरचना को घेरने वाली महीन तलछट ने संरक्षित रखा था।

ऐतिहासिक रेकॉर्ड