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एशियाई चैंपियनशिप: भारत के मुक्केबाजों का दबदबा, पंघल और थापा के बाद संजीत भी फाइनल में पहुंचे

जहां पंघल लगातार दूसरी बार इस चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंचे हैं। वहीं थापा वर्ष 2017 के बाद पहली बार फाइनल में प्रवेश करने में सफल रहे हैं।

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दुबई में जारी 2021 एएसबीसी एशियाई महिला एवं पुरुष मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत के मुक्केबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें भारत के अमित पंघल और शिवा थापा के बाद अब संजीत ने भी बेतहरीन प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। जहां पंघल लगातार दूसरी बार इस चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंचे हैं। वहीं थापा वर्ष 2017 के बाद पहली बार फाइनल में प्रवेश करने में सफल रहे हैं। हालांकि भारत के वरिंदर और विकास कृष्ण सेमीफाइनल में हार गए। भारत अब तक इस चैम्पियनशिप में 15 पदक सुरक्षित कर चुका है, जिसमें कम से कम सात रजत पदक हैं।

5—0 से जीते संजीत
भारत के मुक्केबाज संजीत का सेमीफाइनल में मुकाबला उज्बेकिस्तान के बॉक्सर तुर्सुनोव सांजार से हुआ। इस मुकाबले में संजीत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5—0 से जीत दर्ज की और फाइनल में प्रवेश किया। इससे पहले उनका मुकाबला तजाकिस्तान के जेसुर कुरबोनोवा से हुआ था। संजीत ने जेसुर को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। वहीं मौजूदा एशियाई खेल चैम्पियन और टाप सीड पंघल का सेमीफाइनल में सामना तीसरे सीड कजाकिस्तान के साकेन बिबोसिनोव से हुआ। पंघल ने 5-0 के अंतर से जीत हासिल की। पंघल ने 2019 विश्व चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल में भी साकेन को हराया था।

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फाइनल में पंघल का मुकाबला जोइरोव से
वहीं पंघल का फाइनल में सामना मौजूदा ओलंपिक और विश्व चैंपियन उज्बेकिस्तान के शाखोबिदिन जोइरोव से सोमवार को होगा। साल 2019 के फाइनल में भी दोनों के बीच खिताबी भिड़ंत हुई थी। एशियाई चैम्पियनशिप में पंघल तीनों रंगों के पदकों पर कब्जा कर चुके हैं। 2017 में ताशकंद में पंघल ने लाइट फ्लाइवेट कटेगरी में हिस्सा लेते हुए कांस्य जीता था। 2019 में बैंकाक में हालांकि पंघल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था।

विकास की आंख पर लगी चोट
वहीं विकास कृष्ण ने 69 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में टाप सीड उजबेकिस्तान के बातुरोव बोबो-उस्मोन का सामना किया। मुकाबले के दौरान पहले राउंड में विकास की आंख के ऊपर कट लग गई। उस समय तक ढाई मिनट का खेल हुआ था। इसी के आधार पर बारुतोव को विजेता घोषित किया गया। विकास को यह चोट पिछले मैच में लगी थी लेकिन आज के मैच में उसी घाव पर पंच लगने के कारण खून रिसने लगा, जिसके बाद मेडिकल टीम ने विकास को आगे खेलने की अनुमति नहीं दी।

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महिला मुक्केबाजों ने भी किया कमाल
एशियाई चैंपियनशिप में भारत की महिला मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरी कॉम (51 किग्रा) ने गुरुवार को भारत की तीन और भारतीय महिला मुक्केबाजों- पूजा रानी (75 किग्रा), अनुपमा (प्लस 81 किग्रा) और लालबुतसाही (64 किग्रा) के साथ टूनार्मेंट फाइनल में प्रवेश किया। वहीं दो बार की युवा विश्व चैंपियन साक्षी चौधरी को फाइनल से हटना पड़ा, उन्हें शुरू में विजेता घोषित किया गया था। उनकी प्रतिद्वंद्वी दीना जोलामन द्वारा अंतिम राउंड के फाइट की समीक्षा करने की अपील के बाद साक्षी को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा क्योंकि जूरी ने कजाख मुक्केबाज के दावे को बरकरार रखा और उसके पक्ष में परिणाम दिया।