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बजरंग पुनिया, साक्षी और विनेश के खिलाफ FIR, दंगा भड़काने समेत इन धाराओं के तहत केस दर्ज

दिल्ली पुलिस ने कहा, पहलवान बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट और अन्य आयोजकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा- 147, 149, 186, 188, 332, 353, PDPP अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर में कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धरना दे रहे भारतीय पहलवानों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज किया है। दिल्ली पुलिस ने टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता बजरंग पुनिया, ओलंपिक मेडलिस्ट साक्षी मलिक और विनेश फोगाट के खिलाफ दंगा भड़काने समेत कई धाराओं के तहत एफ़आईआर दर्ज़ की है।

दिल्ली पुलिस ने कहा, पहलवान बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट और अन्य आयोजकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। कुछ रेसलर्स देर रात जंतर मंतर पर आए थे लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई और वापस भेज दिया गया। इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा- 149 (गैरकानूनी विधानसभा), 352 (गंभीर और अचानक उकसावे के अलावा किसी भी व्यक्ति पर हमला करना), 353 (लोक सेवक को डराने के लिए हमला) 147 (उपद्रव करने का दोषी), 188 (महामारी एक्ट) और 186 (लोक सेवक की ड्यूटी में बाधा डालना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए विनेश फोगाट ने कहा कि नया इतिहास लिखा जा रहा है। फोगाट ने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, "दिल्ली पुलिस को यौन शोषण करने वाले बृज भूषण के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने में 7 दिन लगते हैं और शांतिपूर्ण आंदोलन करने पर हमारे ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने में 7 घंटे भी नहीं लगाए। क्या इस देश में तानाशाही शुरू हो गई है ? सारी दुनिया देख रही है सरकार अपने खिलाड़ियों के साथ कैसा बर्ताव कर रही है. एक नया इतिहास लिखा जा रहा है।'

बता दें कि रविवार को संसद भवन के उद्घाटन के दौरान, पहलवानों ने महिला महापंचायत का ऐलान किया था। रविवार को जब पहलवान, मार्च निकाल रहे थे, तो इस दौरान पुलिस ने सख्त कार्रवाई की थी, साथ ही प्रदर्शन स्थल से पहलवानों के तंबू आदि भी हटा दिए थे। पहलवानों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया और उन्हें शहर के तीन अलग-अलग थानों में ले जाया गया, ताकि तीनों के बीच संपर्क न बन पाए।

साक्षी मलिक ने खुलासा किया कि उन्हें उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके के थाने में ले जाया गया और उनकी मेडिकल जांच की गई। साक्षी ने कहा, "मैं बुराड़ी में थी और अन्य पहलवानों से संपर्क करना मुश्किल था। उम्मीद है कि सभी ठीक होंगे। हम यहां से फिर जंतर-मंतर जाएंगे और न्याय मिलने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी।"