
Rio Olympic
भारत में सबसे ज्यादा लोकप्रिय क्रिकेट का खेल ओलंपिक खेलों में शामिल नहीं है। अगर यह ओलंपिक में शामिल होता है तो भारतीय प्रशंसकों को पदक के मिलने की आस बढ़ जाएगा। आपको बता दें कि क्रिकेट को ओलंपिक में शामिल करने का प्रयास शुरू में किया गया लेकिन इस खेल में अधिकांश देशों की बेरुखी के चलते इसे ओलंपिक से हटा दिया गया। लेकिन अब क्रिकेट में टी-20 प्रारूप के आ जाने से क्रिकेट के फिर से ओलंपिक में शामिल होने के आसार बनने लगे हैं।
भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव समेत कई क्रिकेटर्स ओलंपिक खेलों में क्रिकेट को फिर से शामिल करने की बात कर रहे हैं।
इंग्लैंड ने जीता था क्रिकेट का स्वर्ण-
आपको शायद पता न हो कि खेलों के महाकुंभ में कभी क्रिकेट भी शामिल था और इंग्लैंड ने स्वर्ण तथा फ्रांस ने रजत पदक जीता था। खास बात यह है कि आज की तारीख में फ्रांस की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कोई पहचान नहीं है। क्रिकेट का कांस्य पदक किसी भी टीम को नहीं मिला।
कड़े नियमों का है डर-
2024 में आयोजित होने वाले ओलंपिक खेलों के आयोजन की दावेदरी कर रहे इटली ने कहा है कि 2024 ओलंपिक की मेजबानी उसे मिली तो वह क्रिकेट को ओलंपिक का हिस्सा बनाएगा। लेकिन अभी यह दूर की कौड़ी लग रही है क्योंकि दुनिया में क्रिकेट को लेकर सबसे ज्यादा कमाई करने वाला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड इसको लेकर उत्साहित नहीं दिख रहा।
ओलंपिक समिति के कड़े नियमों के चलते बीसीसीआई ने इस खेल को ओलंपिक में शामिल करने के कोई प्रयास ही नहीं किए हैं। ओलंपिक में खिलाड़ी को कभी भी डोपिंग के लिए बुलाया जा सकता है ओर तीन बार बुलाने पर हाजिर नहीं होने पर उस पर दो वर्ष के लिए प्रतिबंध का नियम है।
क्या है क्रिकेट और ओलंपिक का नाता-
क्रिकेट ओलंपिक का हिस्सा बनेगा या नहीं यह तो आगे पता चलेगा लेकिन जब क्रिकेट और ओलंपिक के नाते की कहानी जानेंगे तो हैरत में पड़ जाएंगे। साल 1896 में एथेंस में पहली बार ओलंपिक खेल हुए थे तो उस समय भी क्रिकेट को शामिल किए जाने की बात उठी, लेकिन भाग लेने वाले देशों ने क्रिकेट खेलने को लेकर अपना उत्साह नहीं दिखाया और पहले ओलंपिक में इस खेल को शामिल नहीं किया जा सका। ओलंपिक आयोजन समिति ने अगले ओलंपिक के लिए क्रिकेट को शामिल करने की कोशिश शुरू कर दी।
1900 में पेरिस में होने वाले ओलंपिक गेम्स के लिए कुछ यूरोपीय देशों ने अपनी सहमति दे दी। इंग्लैंड, फ्रांस, बेल्जियम और हॉलैंड इसके लिए तैयार हो गए, लेकिन जैसे-जैसे ओलंपिक करीब आता गया, बेल्जियम और हॉलैंड ने इसके लिए कोई उत्साह नहीं दिखाया और इस खेल के लिए अपनी टीम नहीं भेजी।
बेल्जियम और हॉलैंड के क्रिकेट के खेल में हटने के बाद इसमें सिर्फ दो टीमें ही बची इंग्लैंड और फ्रांस। ओलंपिक के हिसाब से क्रिकेट में दो दिन के मुकाबले में दो-दो पारियां खेलने के बाद इंग्लैंड ने फ्रांस को 158 रन से हरा दिया। लेकिन दोनों राष्ट्रीय टीमें नहीं थीं इसलिए उनके खेल को ओलंपिक के रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया।
12 साल के बाद वर्ष 1912 में यह फैसला लिया गया कि साल 1900 में पेरिस ओलंपिक में क्रिकेट का जो खेल हुआ था, उसके लिए इंग्लैंड को स्वर्ण और मेजबान फ्रांस को रजत पदक दिया जाएगा। चूंकि सिर्फ दो टीमों ने ही क्रिकेट मैच में हिस्सा लिया था इसलिए किसी भी अन्य टीम को कांस्य पदक देने का सवाल ही नहीं उठता और किसी को नहीं दिया गया। इसके बाद ओलंपिक से क्रिकेट का नाता खत्म हो गया।
Published on:
06 Aug 2016 07:04 pm
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