
Udita
टोक्यो ओलंपिक के लिए चुनी गई भारतीय महिला हॉकी टीम में हरियाणा की 23 वर्षीय प्लेयर उदिता का भी चयन हुआ है। अग्रिम पंक्ति की खिलाड़ी उदिता ने 6 साल पहले ही हॉकी खेलना शुरू किया। इससे पहले वह हैंडबॉल खेलती थी। उनका कहना है कि हैंडबॉल छोड़ हॉकी चुनने के फैसले ने उनकी जिंदगी को बदल दिया। देश के लिए 32 मैच खेलने वाली उदिता का कहना है कि यह आश्चर्यजनक है कि जीवन आपको कहां ले जाता है। उनका कहना है कि 6 साल पहले वह हैंडबॉल खेलती थीं, लेकिन शायद नियति के पास कुछ और योजना थी।
इस वजह से चुनी हॉकी
उदितता ने बताया कि एक बार उनके हैंडबॉल कोच लगातार तीन दिनों तक अनुपस्थित थे। इसकी वजह से उन्हें वैकल्पिक खेल के रूप में हॉकी चुनने का फैसल किया। उदिता का कहना है कि हॉकी की वजह से उनका जीवन पूरी तरह से बदल गया। उदिता ने वर्ष 2017 में सीनियर टीम के लिए पदार्पण किया। उदिता वर्ष 2018 में एशियाई खेलों में रजत पदक विजेता टीम का हिस्सा थीं। उदिता खुद को भाग्यशाली मानती हैं कि उनको अपने कॅरियर में अब तक कुछ सबसे बड़े खेल आयोजनों में मौका मिला है।
जूनियर टीम की कप्तान रहीं
उदिता ने बताया कि घरेलू टूर्नामेंटों में उनके प्रभावशाली प्रदर्शन को देखते हुए वर्ष 2015 में उन्हें जूनियर राष्ट्रीय शिविर के लिए चुना गया था। इसके बाद वर्ष 2016 में उन्होंने जूनियर टीम के लिए पदार्पण किया। उदिता जूनियर टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं और उनकी कप्तानी में जूनियर भारतीय टीम ने चौथे अंडर-18 महिला एशिया कप (2016) में कांस्य पदक जीता था। वहीं टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों पर उदिता ने कहा कि अगले कुछ सप्ताह उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण दिन होने जा रहे हैं।
अब सिर्फ टोक्यो पर ध्यान
उदिता का कहना है कि फिलहाल भारतीय टीम का ध्यान सिर्फ टोक्यो पर है। उन्होंने कहा कि अब वे जो कुछ भी करेंगे, वह टोक्यो ओलंपिक में सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने के उद्देश्य से करेंगे। साथ ही उदिता का कहना है कि उन्होंने रानी और वंदना कटारिया जैसी अनुभवी खिलाड़ियों से काफी कुछ सीखा है। उदिता का कहना है कि इन दोनों खिलाड़ियों ने उन्हें काफी सपोर्ट किया है।
Updated on:
29 Jun 2021 09:51 am
Published on:
29 Jun 2021 09:50 am
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