ओलंपियन पहलवानों को दिल्ली पुलिस ने रविवार की सुबह हिरासत में लिया था। इसके बाद पुलिस उन्हें शहर के तीन अलग-अलग स्थानों पर ले गई। इसी बीच साक्षी मलिक ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। साक्षी का कहना है कि जब वे सड़क पर पिट रहे थे, तब प्रधानमंत्री फोटो खिंचवाने में व्यस्त थे।
Wrestlers Protest: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर में कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धरना दे रहे भारतीय पहलवानों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज किया है। दिल्ली पुलिस ने टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता बजरंग पुनिया, ओलंपिक मेडलिस्ट साक्षी मलिक और विनेश फोगाट के खिलाफ दंगा भड़काने समेत कई धाराओं के तहत एफ़आईआर दर्ज़ की है।
ओलंपियन पहलवानों को दिल्ली पुलिस ने रविवार की सुबह हिरासत में लिया था। इसके बाद पुलिस उन्हें शहर के तीन अलग-अलग स्थानों पर ले गई। दिल्ली पुलिस ने इन प्रदर्शनकारी पहलवालों को उस समय हिरासत में लिया, जब वे जंतर-मंतर से नए संसद भवन की ओर मार्च करने का प्रयास कर रहे थे। इसी बीच साक्षी मलिक ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। साक्षी का कहना है कि जब वे सड़क पर पिट रहे थे, तब प्रधानमंत्री फोटो खिंचवाने में व्यस्त थे।
साक्षी ने कहा, "आज हमारे साथ जो हुआ है, वह सभी ने देखा। कोई भी इसे कभी नहीं भूलेगा। जब हम लड़कियों को दिल्ली में सड़क पर पीटा और घसीटा जा रहा था, तब हमारे प्रधानमंत्री फोटो खिंचवाने में व्यस्त थे।" इस बीच, पुलिस ने जंतर-मंतर पर लगे टेंट को उखाड़ फेंका, ताकि पहलवान यहां फिर से धरना पर न बैठ पाएं।
एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए विनेश फोगाट ने कहा कि नया इतिहास लिखा जा रहा है। फोगाट ने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, "दिल्ली पुलिस को यौन शोषण करने वाले बृज भूषण के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने में 7 दिन लगते हैं और शांतिपूर्ण आंदोलन करने पर हमारे ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने में 7 घंटे भी नहीं लगाए। क्या इस देश में तानाशाही शुरू हो गई है ? सारी दुनिया देख रही है सरकार अपने खिलाड़ियों के साथ कैसा बर्ताव कर रही है. एक नया इतिहास लिखा जा रहा है।'
बता दें कि रविवार को संसद भवन के उद्घाटन के दौरान, पहलवानों ने महिला महापंचायत का ऐलान किया था। रविवार को जब पहलवान, मार्च निकाल रहे थे, तो इस दौरान पुलिस ने सख्त कार्रवाई की थी, साथ ही प्रदर्शन स्थल से पहलवानों के तंबू आदि भी हटा दिए थे। पहलवानों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया और उन्हें शहर के तीन अलग-अलग थानों में ले जाया गया, ताकि तीनों के बीच संपर्क न बन पाए।