श्रीगंगानगर। करीब पांच साल पहले शिव चौक से एक किशोरी को अगुवा कर दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने एक जने को दोषी मानते हुए दस साल कठोर कारावास व 61 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। यह निर्णय पोक्सो प्रकरणों की स्पेशल कोर्ट संख्या दो के स्पेशल जज अरुण कुमार अग्रवाल ने सुनाया। 10 years imprisonment for molesting girl student.
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विशिष्ट लोक अभियोजक नवप्रीत कौर ने बताया कि 3 अक्टूबर 2018 को सूरतगढ़ से श्रीगंगानगर आई कक्षा 11 वीं में पढ़ने वाले सौलह साल की किशोरी शिव चौक पहुंची और कुछ देर बाद एकाएक लापता हो गई। इस संबंध में 6 अक्टूबर 2018 को किशोरी के पिता ने महिला थाने में मामला दर्ज कराया था। इसमें बताया कि मटीलीराठान थाना क्षेत्र गांव 13 एफ बड़ा गुरु की ढाणी निवासी राजप्रीत सिंह उर्फ निशान सिंह उर्फ शाना पुत्र कुलवंत सिंह मजबी सिख बहलाफुसलाकर ले गया। पीडि़ता के पिता ने आंशका जताई कि उसकी बेटी के साथ यह आरोपी कुछ भी अनहोनी घटना कारित कर सकता है। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की। जांच के दौरान आरोपी राजप्रीत सिंह उर्फ निशान सिंह उर्फ शाना इस पीि़ड़त को अपने साथ शादी का झांसा देकर पंजाब के पातड़ा गांव में ले गया। वहां किराये के मकान लेकर बतौर पत्नी-पत्नी रहने लगे। वहां पीडि़ता से दुष्कर्म भी किया। पुलिस ने 7 जनवरी 2019 को इस किशोरी को दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी राजप्रीत सिंह उर्फ निशान सिंह उर्फ शाना को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया।
अदालत में पीडि़ता सहित पन्द्रह गवाहों और सौलह दस्तावेज साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद गुरुवार को आरोपी राजप्रीत सिंह उर्फ निशान सिंह उर्फ शाना को दोषी मानते हुए आईपीसी की धारा 363 और धारा 366 में पांच-पांच साल कठोर कारावास व पांच-पांच हजार रुपए जुर्माना, धारा 344 में एक साल कठोर कारावास व एक हजार रुपए जुर्माना, पोक्सों की धारा 5 एल और धारा 6 में दस साल कठोर कारावास व पचास हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना राशि नहीं देने पर छह माह का अतिरिकत कारावास भुगतना होगा। यह आरोपी 7 व 8 जनवरी 2019 को पुलिस अभिरक्षा और 8 जनवरी 2019 से 30 अप्रेल 2021 तक न्यायिक अभिरक्षा में रहा।