
श्रीगंगानगर.
शहर के 34 वार्डों में नगर परिषद की ओर से सफाई व्यवस्था कराई जा रही है जबकि 16 वार्डों की सफाई ठेकेदार के जिम्मे है। हालांकि, इन 16 वार्डों में सफाई के एवज में ठेकेदार को भुगतान नगर परिषद ही कर रही है लेकिन जिन 34 वार्डों में परिषद के स्थायी सफाई कार्मिक सफाई कराते है, वहां कचरा उठाव के लिए परिषद प्रशासन ने एक ठेकेदार से अनुबंध कर रखा है। यह ठेकेदार उठाव के एवज में हर साल परिषद से 96 लाख 80 हजार रुपए का भुगतान लेता है। इसके बावजूद शहर के अलग अलग वार्डों में गंदगी के ढेर है।
जहां उठाव के लिए आए दिन शिकायत परिषद के पास आती है। इस कचरे उठाव के ठेके संबंधित दस्तावेज और फाइल को बुधवार को उपसभापति और प्रतिपक्ष नेता अजय दावड़ा लक्की ने अपने पास मंगवाई और उसका रिकॉर्ड खंगाला तो अनियमितता मिली।
दावड़ा का कहना था कि 34 वार्डों में प्रत्येक ट्रैक्टर-ट्रॉली की सूची मांगी गई। ऐसी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां गिनवा दी, जिनकी डबल एंट्री है। इस डबल एंट्री को चैक करने की जिम्मेदारी परिषद के लेखा शाखा की थी लेकिन इस शाखा के अधिकारियों और कार्मिकों ने भुगतान कर दिया। इस अनियमितता का पूरा रिकॉर्ड लेकर 23 फरवरी को प्रस्तावित नगर परिषद बोर्ड की बैठक में यह मामले को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
एक दिन के बंक मारने पर 3.16 लाख रुपए की बचत
ठेकेदार को नगर परिषद प्रतिदिन 1200 रुपए एक ट्रैक्टर ट्रॉली का किराया दे रही है। इस हिसाब से यह राशि पूरे सालभर में 365 दिन होने पर 96 लाख 36 हजार रुपए की राशि बनती है। उपसभापति का मानना है कि ठेकेदार यदि हर महीने में एक दिन यानी पूरे साल में यह बारह दिन बंक मारता है तो उसे सीधा 3 लाख 16 हजार रुपए की बचत होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने तीन से चार वार्डों में एक ही ट्रॉली लगा रखी है। इसके बावजूद शहर के अलग अलग वार्डों में गंदगी के ढेर है।
Published on:
22 Feb 2018 06:26 am
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