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श्रीगंगानगर समेत नौ जिलों के लॉ कॉलेज में प्रवेश का रास्ता खोला, एडमिशन शुरू

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श्रीगंगानगर समेत नौ जिलों के लॉ कॉलेज में प्रवेश का रास्ता खोला, एडमिशन शुरू

- राजकीय विधि महाविद्यालयों में बीसीआई ने लगाई थी रोक
श्रीगंगानगर।

आखिरकार पिछले चार महीनों के लंबे इंतजार के बाद प्रदेश के पन्द्रह में से नौ लॉ कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बार काउंसिल आफ इंडिया (बीसीआई) ने इन महाविद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ और संसाधनों की कमी बताकर रोक लगा दी थी।

इस कारण इन राजकीय विधि महाविद्यालयों में एलएलबी प्रथम वर्ष की प्रक्रिया अटक गई थी। लेकिन अब बीसीआई ने राज्य सरकार की ओर से भिजवाए गए पन्द्रह में से नौ कॉलेजों में वर्ष २०१८-१९ सत्र में एलएलबी प्रथम वर्ष के लिए अनुमति दी है। अब श्रीगंगानगर के अलावा बीकानेर, कोटा, अलवर, पाली, सिरोही, चूरू, भरतपुर और धौलपुर के राजकीय महाविद्यालयों में वर्ष सोमवार से प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की गई है।

श्रीगंगानगर राजकीय विधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ विश्वनाथ सिंह ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया के लिए आवेदन जमा कराने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू की गई है, आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि २७ अक्टूबर तय की है। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से प्रस्तावित २८ अक्टूबर से २ नवम्बर तक वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा के लिए कॉलेज में केन्द्र रहने की संभावना है, इस कारण प्रवेश योग्य मुख्य सूची और प्रतीक्षा सूची का प्रकाशन ३ नवम्बर को किया जाएगा। शुल्क जमा चार से छह नवम्बर तक होगा।


गत दो सालों से एडमिशन की अनुमति में अड़चन

पिछले साल भी बीसीआई की प्रदेश के राजकीय विधि महाविद्यालयों में पर्याप्त संसाधनों की कमी की अड़चन से एलएलबी प्रथम वर्ष में एडमिशन के लिए अनुमति नहीं मिली थी। विधि महाविद्यालयों में वार्षिक निरीक्षण बीसीआई की एक टीम की रिपोर्ट के आधार पर किया जाता है। प्रदेश के कई कॉलेजों की बिल्डिंग बीसीआई के मापदंडों के अनुरुप नहीं है।

लेकिन श्रीगंगानगर के राजकीय विधि महाविद्यालय का भवन नया होने के बावजूद प्रदेश के अन्य कॉलेजों के कारण एडमिशन की अनुमति की प्रक्रिया अटक जाती है। इस साल भी एेसा हुआ है। अमूमन तौर पर एडमिशन जून महीने में हो जाते है लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण यह प्रक्रिया करीब चार महीने देरी से आई है।
कोर्स पूरा करवाने का दवाब अधिक

एलएलबी की डिग्री की चाह करने वाले छात्र-छात्राओं का कहना है कि चार महीने पहले एडमिशन हो जाते तो अब तक आधा कोर्स कवर हो जाता। लेकिन अब एडमिशन की अनुमति मिली है, प्रक्रिया पूरी होने में अभी दो सप्ताह से अधिक का समय लगेगा। एेसे में अगले महीने नवम्बर में दीपावली का अवकाश हो जाएगा। दिसम्बर में विधानसभा चुनाव होने के कारण पढ़ाई पूरी कैसे हो पाएगी। एेसे में खुद के बलबूते पर पढऩा होगा। पढाई के लिए सिर्फ चार महीने का समय इस सत्र में मिलेगा। वहीं व्याख्याताओं ने भी इस बात को स्वीकारा कि विधानसभा चुनाव के कारण पन्द्रह दिसम्बर तक अध्यापन प्रभावित रहेगा।
छात्र संघ चुनाव में बना था मुद्दा

पिछले दों सालों में एडमिशन देरी से होने के कारण छात्र संघ चुनाव में यह चुनावी मुद्दा बना था। पिछले सत्र में छात्र संघ अध्यक्ष खुद नई दिल्ली में बार काउंसलिंग ऑफ इडिया के पदाधिकारियों से मिलकर श्रीगंगानगर राजकीय विधि महाविद्यालय की नई बिल्डिंग और पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद अड़चन का दूर करने का आग्रह किया था। तब बीसीआई के पदाधिकारियों ने भी माना था कि यह अकेले श्रीगंगानगर का मसला नहीं है, पूरे प्रदेश के राजकीय विधि महाविद्यालयों की अनुमति एक साथ दी जाती है।

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