श्रीगंगानगर. जिले में मंगलवार देर रात से लेकर बुधवार अल सुबह तक रिमझिम बरसात का दौर रहा। इससे तापमान में भारी गिरावट आई और हल्की ठण्डक का अहसास नजर आया। लोग एसी और कूलर बंद करने को मजबूर हो गए और महज पंखों से सुकून मिला। इस बीच, बुधवार को निर्जला एकादशी पर बरसों बाद तपिश की बजाय ठण्डक का अहसास नजर आया। मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।
इसके बावजूद लोग अपनी पंरपरागत मीठे जल की छबीलें लगाने में पीछे नहीं रहे। हालांकि इन छबीलों की स्टाल पर लोगों की भीड़ पिछले एक दशक में पहली बार कम देखने को मिली। वहीं कई लोग कुल्फी बांटते नजर आए तो किसी ने तरबूज तो किसी ने खरबूजे काटकर बांटने का दौर चलाया। वहीं मटके और शरबत की बोतलों से दान पुण्य करने के लिए कई लोग मंदिरों में पहुंचे तो कईयों ने ब्राह्मणों, बहनों और बेटियों के घरों पर दान दक्षिणा देने में रस्म अदायगी की।
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दान पुण्य की हौड़ सड़कों पर उतर आई। कई लोग अपनी श्रद्धा के अनुरुप सड़कों के किनारे स्टाल लगाई लेकिन जब लोग इन स्टालों पर नहीं आई तो युवा सेवादारों की मदद से सड़क के बीचों बीच वाहनों को रोककर जानबूझकर शरबत, मीठे पानी, मैंगोशेक और कुल्फी बांटने लगे तो ट्रैफिक एकाएक जाम हो गया। गौशाला मार्ग, रवीन्द्र पथ, सुखाडि़या मार्ग, हनुमानगढ़ रोड पर ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
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जाम में फंसे कई लोगों ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि दान पुण्य करने की नौटंकी की बजाय जरूरतमंद बच्चों को खाने की व्यवस्था कराई होती तो परिणाम बेहतर सामने आते। इधर, बीरबल चौक, सुखाडि़या सर्किल, चहल चौक क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस यातायात व्यवस्था सुधारने की बजाय मूकदर्शक की मुद्रा में खड़े नजर आए।
शीतला वाटिका और सी ब्लॉक पार्क के पास पंजाबी कुल्फी बांटकर दान पुण्य कमाने का दावा करने वाले लोगों की वजह से ज्यादा भीड़ नजर आई। इन दोनों क्षेत्रों में कुल्फी खाने के शौकीन टैम्पों चालकों और उनमें बैठी सवारियों ने वहां जाम लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कुल्फी खाने का दौर ऐसा चला कि पूरी एरिया में इन दोनों मार्गो पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। यही हाल रवीन्द्र पथ पर था। यहां भी साल में दो घंटे के लिए होने वाले इस दान पुण्य के भागीदार बनने के लिए कई लोग शामिल हो गए।