After all Suratgarh municipality chairman Omprakash Kalwa suspended- कांग्रेस छोड़ भाजपा में आना पड़ा महंगा, डीएलबी ने जारी किए आदेश
श्रीगंगानगर। आखिरकार सूरतगढ़ नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को निलम्बित कर दिया गया है। स्वायत शासन विभाग के निदेशक एवं विशिष्ट सचिव ह्दयेश कुमार शर्मा की ओर से जारी निलम्बन का आदेश जारी करने से नगर पालिका बोर्ड में खलबली मच गई है। कालवा कांग्रेस के बलबूते पर पालिका अध्यक्ष बने थे लेकिन करीब छह महीने पहले उन्होंने कांग्रेस को अलविदा कर भाजपा का दामन थाम लिया था। भाजपा ज्वाइनिंग के बाद से ही उन पर निलम्बन की तलवार लटक रही थी। हालांकि जब वे कांग्रेस में थे तब सूरतगढ़ विधायक रामप्रताप कासनियां ने विधानसभा सदन में सूरतगढ़ में सीवरेज कार्यो में हो रही अनियमितताएं बरतने का मामला उठाया था। लेकिन भाजपा खेमे में आने के बाद विधायक कासनियां ने इस मामले में कालवा को क्लीन चिट्ट का प्रयास किया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
स्वायत शासन विभाग के निदेशक के आदेश के अनुसार सीवरेज संवेदक मोन्टीकार्लो कम्पनी को सीवरेज व सोक पिट कार्य के लिए गत वर्ष मार्च माह में 1 करोड़ 45 लाख रुपए के अनाधिकृत भुगतान मामले में नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया। कालवा की सदस्यता भी निलंबित कर दी है।
सीवरेज निर्माण कार्यो की अनियमितताओं के मामले में चैयरमैन कालवा को आंशका थी कि राज्य सरकार राजनीति बदले की भावना पर निलम्बित कर सकती है। ऐसे में उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली। इस मामले में उच्च न्यायालय में गत तीन पूर्व ही नगरपालिका अध्यक्ष की ओर से डीएलबी के आदेश को चुनौती देेते हुए लगाई याचिका खारिज कर दी थी।
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कलक्टर ने कराई थी जांच
स्वायत शासन विभाग के निदेशक एवं विशिष्ट सचिव ह्दयेश कुमार शर्मा की ओर से जारी आदेश में बताया कि नगरपालिका सूरतगढ़ में वर्ष 2022 मार्च माह में संवेदक मोंटी कार्लो को सीवरेज/सोक पिट संबंधित कार्य के अनाधिकृत भुगतान किये जाने के संबंध में उच्च स्तरीय जांच करने के लिए निवेदन किया गया था। इसके बाद जिला कलक्टर श्रीगंगानगर की ओर से जांच कमेटी का गठन किया गया। जिला कलक्टर श्रीगंगानगर द्वारा गठित जांच कमेटी की ओर से प्रकरण में की गई जांच रिपोर्ट के अनुसार सेप्टिक टैंक/कुइयों तोडे बिना ही कम्पनी की ओर से क्लेम प्रस्तुत कर नोडल एजेंसी रूडसिको के माध्यम से नगरपालिका सूरतगढ़ से भुगतान उठा लिया गया।
डीएलबी के अनुसार अनाधिकृत भुगतान के संबंध में नगरपालिका सूरतगढ़ की ओर से शिकायतकर्ताओं द्वारा शिकायत वापिस लेने व 203 उपभोक्ताओं की पृष्टि किए जाने को आधार बनाकर मद संख्या 42 की विदहेल्ड राशि का भुगतान रिलीज करने का हवाला दिया गया था। जबकि स्थानीय शिकायतकर्ताओं ने बयान दिया कि उनके द्वारा कोई शिकायत वापिस नहीं ली गई हैं। बयानकर्ताओं द्वारा दिए गए हलफनामे के अनुसार शपथ कर्ताओं से सीवरेज लाईन बिछाने के नाम से हस्ताक्षर करवाए गए थे। स्थानीय बाशिदों प स्वच्छता निरीक्षक व जमादारों से सर्वे में अंकित बयानों के अनुसार सड़कों पर पूर्व में कोई सोक पिट निर्मित नहीं बताए गए।
विदित रहे कि नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा ने विगत 24 फरवरी को कांग्रेस में अनबन के बाद भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके बाद कांग्रेस के पास संख्या बल अधिक होने के बावजूद नगरपालिका बोर्ड में भाजपा का वर्चस्व हो गया। इसके बाद से लगातार कांग्रेस व नगरपालिका अध्यक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप के दौर जारी थे। इस दौरान पूर्व पालिकाध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल व पार्षद परसराम भाटिया ने नगरपालिका अध्यक्ष पर सीवरेज कम्पनी को 1.60 करोड़ रुपए का अनाधिकृत भुगतान करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। जिसके बाद जिला कलक्टर की ओर से गठित कमेटी ने पालिकाध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा और तत्कालीन ईओ विजयप्रताप सिंह को मामले में दोषी मानते हुए रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी थी।