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नगरपरिषद में कथित भ्रष्टाचार का मामला...जांच की बजाय चुप्पी साधने पर पार्षद लामबंद, उपवास रख जताया विरोध
- पुलिस दल ने पार्षदों की रखी निगरानी,
श्रीगंगानगर.
नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार की जांच करने की बजाय आयुक्त के चुप्पी साधने पर उठाए गए सवाल को लेकर पार्षद लामबंद हो गए। आयुक्त के खिलाफ सोमवार को नगर परिषद परिसर में पार्षद संजय बिश्नोई ने उपवास रखा, उनके साथ उपसभापति अजय दावड़ा लक्की, हरविन्द्र सिंह पांडे, सतपाल राव, सलीम चोपदार, सन्नी नागपाल आदि भी धरना लगाकर बैठ गए। आयुक्त कक्ष के बाहर गैलरी में लगाए इस धरने को लेकर गहमागहमी रही। सुरक्षा की दृष्टिगत कोतवाली पुलिस का एक दल भी इस गैलरी में पहरा लगाता नजर आया। इन पार्षदों का कहना था कि आयुक्त ने जांच कराने के आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं किया।
पार्षद बिश्नोई का आरोप है कि होर्डिंग्स की बोली निरस्त करने की आड़ में राजस्व वसूली की बजाय बिचौलियों की जेब में जाने, बिना नक्शे से बहुमंजिला भवनों को निर्माण की अनुमति, निजी नर्सिग होम्स का भू उपयोग परिवर्तन किए बिना संचालित करने की छूट देने, 26 रुपए का डस्टबीन 56 रुपए में खरीदने, निर्माण कार्यो में मोटा कमीशन वसूलने, शहर के सौन्दर्य के नाम पर कागजों में हो रहे निर्माण कार्यो में आयुक्त की भूमिका संदेहास्पद रही है।
आयुक्त बोली, दबाव बनाने का प्रयास
इधर, आयुक्त सुनीता चौधरी अपने कक्ष में बैठकर कामकाज निपटाती रही। उनका कहना था कि पार्षद अपने स्वार्थहित में दबाव बनाने का प्रयास कर रहे है, लेकिन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। । उन्होंने बताया कि जिन मामलों को लेकर उपवास कर रहे है, वे पुराने मामले है। हर प्रकरण की जांच करने का एक तरीका होता है, हमारे क्षेत्राधिकार में होगा तो उसकी जांच तो जरूर करेंगे। कई प्रकरण राज्य सरकार स्तर के है।
Published on:
30 Apr 2018 10:05 pm
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