
पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार जल संसाधन विभाग के बाबू को भेजा जेल
श्रीगंगानगर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गुरुवार शाम को गिरफ्तार किए गए जल संसाधन विभाग के एक बाबू को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
एसीबी चौकी (प्रथम) के प्रभारी डीएसपी भूपेंद्र सोनी ने बताया कि जल संसाधन विभाग के उत्तर खंड कार्यालय में वरिष्ठ सहायक कर्मचारी राजेश अरोड़ा (33) को श्रीकरणपुर उपखंड क्षेत्र में चक 48-एफ के एक किसान से यह रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
स्थानीय पूजा कॉलोनी निवासी राजेश अरोड़ा के पहनी पेंट की जेब में रिश्वत की राशि बरामद हुई। शाम करीब 5 बजे हुई कार्रवाई से जल संसाधन विभाग कार्यालय में हडक़ंप मच गया। इस किसान की चक 48-एफ में कृषि भूमि है, जिसमें सिंचाई के लिए 8-10 वर्षों से पक्का खाला बना हुआ है।
विभाग की ओर से बनाए गए नए खाले को नक्शे के विपरीत बना दिया गया। किसान की ओर से विरोध करने पर विभाग के अधिशासी अभियंता (उत्तर खंड) ने 26 नवंबर 2015 को एक आदेश पारित किया। इसकी प्रतिलिपि किसान को उपलब्ध करवाई गई। इसके अनुसार खाले का निर्माण करना बताया गया।
इस पर परिवादी किसान ने इस आदेश से संबंधित पूरी पत्रावली की नकल लेने के लिए इस कार्यालय में आवेदन किया। वरिष्ठ सहायक कर्मचारी राजेश अरोड़ा ने पत्रावली की नकल देने के लिए उसे चक्कर कटवाने शुरू कर दिए। इस दौरान राजेश ने दो बार में हजार-हजार कुल 2 हजार भी उस से ले लिए। फिर भी नकल नहीं दी। तंग आए किसान ने ब्यूरो को शिकायत कर दी।
ब्यूरो ने गोपनीय सत्यापन करवाया तो इस दौरान राजेश ने किसान से 7 हजार की रिश्वत मांगी थी। दो हजार वह पहले ले चुका था। बाकी 5 हजार देने पर वह पत्रावली की नकल देने को तैयार हो गया। गोपनीय सत्यापन में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने पर गुरुवार को ब्यूरो की टीम ने किसान को रंग लगे हुए 5 हजार के नोट दिए।
यह राशि राजेश ने कार्यालय में परिवादी किसान से लेकर अपनी जेब में रखी, तभी एसीबी की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। एसीबी टीम की ओर से शुक्रवार को बाबू को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
Published on:
15 Oct 2021 09:49 pm

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