
प्रीगाबलिन, टापेंटाडोल, जोपिक्लोन घटक की दवाओं की खुली बिक्री पर रोक
जिले में नशे के रूप में दुरुपयोग की जा रही प्रीगाबलिन, टापेंटाडोल व पोपिक्लोन घटक की टेबलेट व इंजेक्शन की खुली बिक्री पर रोक लगाई गई है। वहीं 75 मिलीग्राम वजन से अधिक की प्रीगाबलिन दवा को थोक, खुदा दवा विक्रेता व अन्य अनाधिकृत व्यक्ति या फर्म की ओर से खरीद- फरोख्त नहीं करेंगे।
डीआईजी एवं पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा के निर्देशानुसार जिले में कुछ दवाओं जो एनडीपीएस एक्ट के तहत नशे के रूप में परिभाषित नहीं है, उन दवाओ (जैसे प्रीगाबलिनए टापेंटाडोल, जोपिक्लोन साल्ट आधारित दवाओं) को टेबलेट या इन्जेक्शन के रूप में लोग नशे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। लोकहित को हुए उक्त दवाओं की खुली/अनियन्त्रित बिक्री पर प्रतिबन्ध लगाया जाना नितान्त आवश्यक है।
बिना बिल के बेचान नहीं कर सकेंगे
- एसपी के प्रस्ताव के बाद जिला मजिस्ट्रेट अंशदीप ने धारा 144 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में नशे के रूप में प्रयुक्त की जाने वाली उक्त दवाओं की खुली/अनियन्त्रित बिक्री पर तुरन्त प्रभाव से प्रतिबन्ध लगाया है। थोक एवं खुदरा दवा विक्रेता अथवा अन्य अनाधिकृत व्यक्ति या फर्म की ओर से प्रीगाबलिन की 75 मिलीग्राम से अधिक मात्रा की दवा का क्रय-विक्रय नहीं करेंगे।
थोक एवं खुदरा दवा विक्रेता अथवा अन्य अनधिकृत व्यक्ति या फर्म की ओर से इन दवाओं (जो एनडीपीएस एक्ट के तहत 2 नशे के रूप में परिभाषित नहीं है, विशेषकर प्रीगाबलिन की 75 मिलीग्राम, टापेंटाडोल, जोपिक्लोन घटक युक्त दवाएं) का बिना क्रय-विक्रय बिल के बेचान नहीं करेंगे। थोक दवा विक्रेता इन दवाओं के समस्त क्रय-विक्रय का दैनिक स्टॉक रजिस्टर बैच नम्बर सहित संधारण करेंगे। प्रत्येक दिन की सूचना प्रत्येक सप्ताह एसपी श्रीगंगानगर व एडीई की मेल पर भेजेंगे।
औषधि नियंत्रक विभाग करेगा रिपोर्ट की जांच
- जिला मजिस्ट्रेट ने निर्देश किए हैं कि सहायक औषधि नियन्त्रक थोक एवं खुदरा दवा विक्रेता के टापेंटाडोल, जोपिक्लोन साल्ट आधारित दवाओं के क्रय-विक्रय की मासिक रिपोर्ट की जांच कर, वस्तुस्थिति से अवगत कराएंगे।
सहायक औषधि नियन्त्रक सम्बन्धित उपखण्ड अधिकारी एवं पुलिस विभाग परस्पर समन्वय स्थापित कर टीमें बनाकर (प्रत्येक माह 3 से 5) मेडिकल स्टोर का औचक निरीक्षण करेंगे तथा किसी भी प्रकार की अनियिमतता या उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जानी सुनिश्चित करेंगे। सहायक औषधि नियन्त्रक कार्रवाई से उपखण्डवार रजिस्टर/सूचनाओं को सम्बन्धित उपखण्ड अधिकारी से सत्यापित करवाएंगे।
प्रीगाबलिन को एनडीपीएस घटक में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजा
- सहायक औषधि नियंत्रक विभाग की ओर से पूर्व में प्रीगाबलिन दवा को एच ड्रग शिड्यूल या एनडीपीएस घटक में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजा हुआ है। इस पर कार्रवाई चल रही है। जल्द ही इस प्रस्ताव पर कार्रवाई होने वाली है। अधिकारियों ने बताया कि यह दवा एनडीपीएस घटक में शामिल होने के बाद इस पर पुलिस प्रभावी कर सकेगी।
Published on:
09 Feb 2024 12:13 pm
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