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पालनहार के लाभार्थियों को नहीं मिल रही छह माह से राशि, बढ़ी परेशानी

सूरतगढ़.राज्य सरकार की ओर से अनाथ बच्चों के पालन पोषण व शिक्षा आदि की व्यवस्था संस्थागत की बजाए परिवार व रिश्तेदार के बीच संचालित करने पालनहार योजना के तहत करीब छह माह से पालनहारों के लाभार्थियों की राशि उपलब्ध नहीं हो रही है। इस वजह से पालनहारों को मजबूरन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कार्यालय के बार बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। राशि का भुगतान नहीं होने इसका सीधा असर लाभार्थियों के पालन पोषण पर भी पड़ रहा है।

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सूरतगढ़.राज्य सरकार की ओर से अनाथ बच्चों के पालन पोषण व शिक्षा आदि की व्यवस्था संस्थागत की बजाए परिवार व रिश्तेदार के बीच संचालित करने पालनहार योजना के तहत करीब छह माह से पालनहारों के लाभार्थियों की राशि उपलब्ध नहीं हो रही है। इस वजह से पालनहारों को मजबूरन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कार्यालय के बार बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। राशि का भुगतान नहीं होने इसका सीधा असर लाभार्थियों के पालन पोषण पर भी पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार राज्य सरकार की ओर से राजस्थान में 8 फरवरी 2005 को अनुसूचित जाति के अनाथ बच्चों के लिए पालनहार योजना शुरू हुई थी। 25 अगस्त 2005 से सभी जातियों के अनाथ बच्चों को इस योजना में शामिल किया गया। इसके तहत 0-6 आयु वर्ग के बच्चे के लिए750 रुपए प्रतिमाह(आंगनबाड़ी जाना अनिवार्य),6-18 आयु वर्ग के बच्चे के लिए 1500 रुपए प्रतिमाह(विद्यालय जाना अनिवार्य),वस्त्र स्वेटर, जूते आदि के लिए 200 रुपए वार्षिक अतिरिक्त एकमुश्त दिए जा रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से जुलाई माह से पालनहारों को प्रतिमाह राशि उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। इसमें सूरतगढ़ के साथ साथ करणपुर व पदमपुर ब्लॉक भी शामिल है। पालनहारों को लाभार्थियों का पालन पोषण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पालनहार महेन्द्र कुमार ने बताया कि जुलाई माह से राज्य सरकार की ओर से प्रतिमाह राशि नहीं दी जा रही है। मजबूरन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

यह है पालनहार योजना की पात्रता

विभागीय अधिकारियों के अनुसार पालनहार योजना के तहत अनाथ बच्चे, न्यायिक प्रक्रिया से मृत्यु दण्ड, आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चे, निराश्रित पेंशन-पात्र विधवा माता के 3 बच्चे, पुनर्विवाहित विधवा के बच्चे, एचआईवी पीडि़त माता-पिता के बच्चे, कुष्ठ रोग से पीडि़त माता-पिता के बच्चे, नाता जाने वाली माता के 3 बच्चे, विशेष योग्यजन के बच्चे, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिला के बच्चे व सिलिकोसिस पीडि़त माता-पिता के बच्चे योजना में सहायता राशि के लिए पात्र होते हंै। योजना के तहत अलग-अलग कैटेगिरी के अनुसार राशि दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए अभिवावक बच्चों के विद्यालय अथवा आंगनबाड़ी केन्द्र से अध्ययन प्रमाण-पत्र प्राप्त कर पन नजदीकी ई-मित्र के माध्यम से एक वार्षिक सत्यापन करवा सकते है।

यह है सूरतगढ़, करणपुर व पदमपुर की बकाया राशि की स्थिति

सूरतगढ़ ब्लॉक में 1062 पालनहार के अधीन 1785 बच्चे है। इसके तहत जुलाई माह में 38,54,750 रुपए, अगस्त में 26,22,250 रुपए,सितम्बर में 26,35000 रुपए, अक्टूबर में 26,91,750 रुपए, नवम्बर में 27,24,750 रुपए की राशि उपलब्ध नहीं हुई है। इसी तरह करणपुर ब्लॉक में638 पालनहार के अधीन 1055 बच्चे है। इसके तहत जुलाई माह में 22,15,250 रुपए, अगस्त में 14,42,000 रुपए,सितम्बर में 14,78,750 रुपए, अक्टूबर में 14,97,500 रुपए, नवम्बर में 15,6000 रुपए की राशि नहीं आई। वही, पदमपुर ब्लॉक में 787 पालनहार के अधीन 1268 बच्चे है। इसी तरह जुलाई माह में 27,92,500 रुपए, अगस्त में 18,23,000 रुपए, सितम्बर में 18,68,250 रुपए, अक्टूबर में 18,90,500 रुपए, नवम्बर माह में 19,10,000 रुपए की राशि उपलब्ध नहीं हुई है।

करवाया जा चुका है अवगत

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा अधिकारी युवराज ने बताया कि पालनहार योजना के तहत करीब छह माह से सूरतगढ़, करणपुर व पदमपुर के लाभार्थियों को प्रतिमाह देय राशि का भुगतान नहीं हुआ है। इस संबंध में रिपोर्ट तैयार करके राज्य सरकार को भेजी जा चुकी है। बकाया भुगतान संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है।

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