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श्रीगंगानगर.
पंजाब, राजस्थान और हरियाणा को सिंचाई और पेयजल के लिए पानी उपलब्ध कराने वाले बांधों में पानी की आवक कम होने का असर इन तीनों राज्यों की नहरों को मिलने वाले पानी पर पड़ा है। गंगनहर में जहां तय शेयर के अनुरूप पानी नहीं मिलने पर किसान संगठन आंदोलन कर रहे हैं, वहीं इंदिरा गांधी नहर में भी रविवार को पानी घटने से किसान आंदोलन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है।
पोंग बांध में रविवार को पानी का लेवल 1282.01 फीट था जो पिछले साल की तुलना में छह फीट कम है। पोंग बांध में पानी की आवक 938 क्यूसेक थी जबकि निकासी 8011 क्यूसेक। भाखड़ा बांध में पानी का लेवल 1502.72 फीट था जो गत वर्ष की तुलना में 60 फीट कम है। बांध में पानी की आवक 1820 क्यूसेक थी जबकि निकासी 35820 क्यूसेक। इसी प्रकार रणजीत सागर बांध में पानी का लेवल 502.30 मीटर था जो पिछले साल की तुलना में 4 मीटर कम है। बांध में पानी की आवक 2161 क्यूसेक थी जबकि निकासी 8164 क्यूसेक।
बांधों में पानी की कम आवक को देखते हुए इंदिरा गांधी नहर में पानी 9000 क्यूसेक से घटकर 6600 क्यूसेक रह गया है। हालांकि हालात को देखते हुए बांधों से पानी की निकासी बढ़ाई है। लेकिन अभी तीन दिन तक स्थिति में सुधार के आसार नहीं। गंगनहर में पानी की आपूर्ति 1400 क्यूसेक से अधिक होने के आसार नहीं। जल संसाधन विभाग के सूत्रों का कहना है कि बांधों के जलग्रहण क्षेत्र में अच्छी बरसात नहीं हुई तो स्थिति और विकट हो सकती है।
महापड़ाव की तैयारी
गंगनहर में शेयर के अनुरूप पानी देने की मांग पर आंदोलन कर रही अखिल भारतीय किसान सभा और किसान संघर्ष समिति का कलक्ट्रेट पर धरना रविवार को छठे दिन भी जारी रहा। अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष कालू थोरी ने बताया कि प्रशासन के आश्वासन पर भी गंगनहर के किसानों को शेयर के अनुरूप पानी नहीं मिल रहा। थोरी ने बताया कि अब एक जुलाई को गंगासिंह चौक पर महापड़ाव डाला जाएगा। तब तक कलक्ट्रेट पर धरना जारी रहेगा। गंगनहर में पानी को लेकर आंदोलन में अग्रणी रहने वाले संगठन गंगानगर किसान समिति इस आंदोलन में साथ नहीं है। समिति ने अब इस मुद्दे पर सोमवार को सुबह 11 बजे श्रीगंगानगर के गुरुद्वारा सिंह सभा में बैठक रखी है।
Published on:
24 Jun 2018 05:26 pm
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