
sadar thana
श्रीगंगानगर.
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने शहर विधायक कामिनी जिंदल के उद्योगपति पिता बीडी अग्रवाल के खिलाफ कंपनी के कर्मचारियों का करीब पच्चीस माह का एक करोड़ 44 लाख रुपए का ईपीएफ जमा नहीं कराने का मामला सदर थाने में दर्ज कराया है।
पुलिस ने बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के प्रवर्तन अधिकारी संदीप गुप्ता ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि मैसर्स विकास डब्ल्यूएसपी लिमिटेड उद्योग विहार रीको इण्डस्ट्रीयल एरिया कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपलब्ध अधिनियम के अंतर्गत आवृत्त एक संस्थान है। इस संस्थान के नियोक्ता का विधिक उत्तरदायित्व है कि वह प्रत्येक माह कर्मचारियों के वेतन से भविष्य निधि अंशदान के कर्मचारी भाग की कटौती करें एवं इस प्रकार काटी कई राशि मय नियोक्ता अंशदान के साथ माह की समाप्ति से 15 दिन की अवधि से विधायी निधि में जमा कराएं।
जानकारी में आया है कि नियोक्ता ने कर्मचारियों के कालांश सितंबर 2015 से सितंबर 2017 वेतन से भविष्य निधि के कर्मचारी भाग की कटौती की है लेकिन इस प्रकार कटौती की राशि पूर्ण रूप से विधायी निधि में जमा नहीं कराई है।ऐसे में नियोक्ता की ओर से अपराध प्रतिबद्ध किया है। जिसकी कुल राशि एक करोड़ 44 लाख 90 हजार 641 रुपए है। पुलिस ने धारा 420 व 409 के तहत मामला दर्ज जांच एसआई बलवंतराम को सौंपी है।
करीब छह सौ कर्मचारियों ईपीएफ नहीं कराया जमा
ईपीएफ के अधिकारियों ने बताया कि बीडी अग्रवाल की कंपनी की ओर से वहां काम करने वाले करीब छह सौ से अधिक कर्मचारियों का ईपीएफ पच्चीस माह से जमा नहीं कराया गया। जबकि इन कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ की राशि कटौती की जाती रही। कर्मचारियों की यह राशि अमानत राशि मानी जाती है। यदि पंद्रह दिवस से अधिक यह राशि रोकी जाती है तो अमानत में खयानत करना होता है।
इनका कहना है
मैसर्स विकास डब्ल्यूएसपी लिमिटेड के नियोक्ता बीडी अग्रवाल की ओर से 25 माह से कर्मचारियों का ईपीएफ की राशि कटौती तो कर ली लेकिन ईपीएफ विभाग में जमा नहीं कराई गई है। इसके चलते कंपनी के नियोक्ता के खिलाफ सदर थाने में मामला दर्ज कराया गया है।
- संदीप गुप्ता, प्रवर्तन अधिकारी, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन श्रीगंगानगर
Published on:
23 Feb 2018 07:35 pm
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