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अब फिर से चलेगा ‘कैटल फ्री सिटी’ अभियान

- नगर परिषद आयुक्त बोलीं, स्पेशल टीम बनाकर आवारा पशुओं की होगी धरपकड़

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श्रीगंगानगर.

रिद्धि-सिद्धि एन्केलव के गेट के पास गोधे की टक्कर से बाइक सवार नागालैण्ड निवासी युवक की मौत के करीब तीस घंटे बाद आखिरकार नगर परिषद प्रशासन ने अपनी चुप्पी तोडऩे हुए फिर से कैटल फ्री सिटी अभियान शुरू करना स्वीकारा है। यदि ऐसी तत्पपरता पहले दिखाई होती तो गोधे की टक्कर से होने वाली मौत को टाला जा सकता था।

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राजस्थान पत्रिका के शुक्रवार के अंक में प्रकाशित समाचार 'आज भी यमराज बने हैं गोधे' से नगर परिषद प्रशासन हरकत में आया। आयुक्त सुनीता चौधरी ने बताया कि कैटल फ्री सिटी अभियान के संबंध में स्पेशल टीम गठित की जाएगी। यह टीम जहां-जहां आवारा पशु हैं, वहां से उन्हें पकड़ कर मिर्जेवाला रोड स्थित नंदीशाला में भिजवाएगी। उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन डेस्क से भी रोजाना फीडबैक लिया जाएगा ताकि संंबंधित स्पेशल टीम को उस इलाके में भिजवाया जा सके।

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नंदीशाला का पानी कनेक्शन बना पहेली
जलदाय विभाग नगर परिषद के अधीन है, फिर भी मिर्जेवाला रोड पर स्थित नंदीशाला में पानी कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है। परिषद प्रशासन ने दमकल की गाडिय़ों से वहां पानी की आपूर्ति करने का वैकल्पिक व्यवस्था कर रखी है, लेकिन इन दिनों गर्मी में पानी की अधिक खपत के बावजूद पानी अपर्याप्त बताया जा रहा है। इस संबंध में आयुक्त का कहना था कि जलदाय विभाग ने नंदीशाला के लिए स्पेशल पाइप लाइन बिछाने के लिए अधिक बजट बताकर पल्ला झाड़ लिया है। वहां हैड पम्प से पानी की उपलब्धता कराने के लिए खुदाई कराई जाएगी। इस नंदीशाला के संचालन को लेकर परिषद प्रशासन गंभीरता से कदम नहीं उठा रहा है, यही वजह रही है कि पिछले साल जहां 750 आवारा पशु रखने का दावा किया गया था, लेकिन अब यह संख्या महज ढाई सौ रह गई है।