
ऐसा क्या हो गया कि आईएएस महिला अफसर को भी हटाया
श्रीगंगानगर। जिला प्रमुख प्रियंका श्योराण और उनके पति सुशील श्योराण की ओर से कथित दस निर्माण कार्यो की सूची को निरस्त करना जिला परिषद की सीईओ चिन्मयी गोपाल को महंगा पड़ गया।
तीन महीने पहले राज्य सरकार ने आईएएस महिला अफसर चिन्मयी गोपाल को यहां जिला परिषद में सीईओ के पद पर लगाया तब यह उम्मीद बंधी थी कि पहली बार आईएएस अधिकारी के आने के बाद फर्जी कार्यो पर रोक लगेगी। लेकिन पिछले दस दिन पहले जिला प्रमुख की ओर से दी गई सूची को सीईओ ने यह कहते हुए वापस कर दिया कि ऐसे काम कभी नहीं होंगे।
विवाद इतना बढ़ा कि तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती में 598 चयनित अभ्यर्थियों के पदस्थापन के लिए जिला स्थापना समिति की बैठक बुलाने से जिला प्रमुख ने इंकार कर दिया। जब फाइल भेजी तो वापस सीईओ के पास आ गई। ऐसे में सीईओ ने राज्य के प्रमुख शासन सचिव के समक्ष शिकायत करते हुए जयपुर में डेरा डाल लिया।
जब चयनितों ने जिला प्रमुख के घर के आगे धरना लगाया तो मुख्यमंत्री कार्यालय तक सिफारिशों के फोन की घंटिया बज गई। ऐसे में सीएमओ को जिला प्रमुख को यह आश्वासन देना पड़ा कि सीईओ को हटाने में देर नहीं होगी। तब जिला प्रमुख ने इस भर्ती के चयनितों के पदस्थापन के आदेशों पर साइन किए। राज्य सरकार ने आखिरकार जिला प्रमुख की मांग को पूरा करते हुए सीईओ चिन्मयी गोपाल का तबादला बीकानेर जिला परिषद में इसी पद पर किया गया है। यहां अजीत सिंह राजावत नए सीईओ होंगे।
Published on:
06 Oct 2018 02:25 pm
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