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सभापति उपचुनाव: भाजपा की गगनदीप कौर पांडे निर्वाचित

Chairman by-election: BJP's Gagandeep Kaur Pandey elected- चांडक खेमे के पार्षदों की वोटिंग से बदले समीकरण

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सभापति उपचुनाव: भाजपा की गगनदीप कौर पांडे निर्वाचित

सभापति उपचुनाव: भाजपा की गगनदीप कौर पांडे निर्वाचित

#Chairman by-election: नगर परिषद सभापति के उपचुनाव में भाजपा की गगनदीप कौर पांडे निर्वाचित हुई। पांडे ने अपने निकटतम प्रतिदंदी भाजपा की बागी डा. बबीता गौड़ को 39 वोटों के भारी अंतर से हराया। पांडे के पक्ष में 52 वोट पड़े जबकि गौड़ को महज 13 वोट ही प्राप्त हो सके। रविवार को नगर परिषद सभागार में सुबह दस बजे से ही मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई, हालांकि शहर के 65 पार्षदों ने दोपहर एक बजकर 22 मिनट पर वोटिंग कर दी लेकिन रिर्टनिग अधिकारी कैलाशचन्द्र शर्मा ने मतगणना दोपहर दो बजे शुरू कराई। महज सौलह मिनट में यह गिनती पूरी हुई तो पांडे के समर्थकों ने जीत का जश्न शुरू कर दिया। पटाखों की गूंज दूर दूर तक सुनाई। गुलाल बिखर कर खुशी का इजहार किया गया।
भाजपा की इस जीत में चांडक खेमे की अहम भूमिका रही। कांग्रेसी नेता रहे अशोक चांडक, नगर परिषद की पूर्व सभापति करुणा चांडक और उनके बेटे राघव चांडक के साथ बीस पार्षद एक साथ आए और भाजपा के पक्ष में वोटिंग की। इसमें पूर्व सभापति चांडक खुद कांग्रेस पार्षद होने के बावजूद भाजपा प्रत्याशी को वोट देने आई। वहीं बीकानेर से बाड़ेबंदी में रहे 26 पार्षद एक साथ तीन वाहनों पर पहुंचे। नगर परिषद के मुख्य गेट पर विधायक जयदीप बिहाणी ने इन पार्षदों को एक साथ वोट पोल करने के निर्देश दिए। प्रत्येक मतदाता को विशेष कोड दिया गया था ताकि वोटों की क्रॉसिंग नहीं हो सके। बिहाणी और चांडक दोनों एक दूसरे के साथ शहरहित में विकास कार्य कराने के बारे में चर्चा भी की।
दिग्गजो के गिला शिकवा हुए दूर, सब रंग में रंग गए
नगर परिषद में सभापति की कुर्सी पर भाजपा को मिल गई, लेकिन इस चुनाव की आड़ में विधानसभा चुनाव के धूर विरोधी रहे चांडक और बिहाणी खेमा एक दूसरे के गिले शिकवा दूर करते हुए भाजपा के रंग में रंग गए। इस चुनाव में चांडक खेमे से समर्थन का आश्वासन मिलने की आस में गौड़ भाजपा से बागी होकर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लगने का मानस बनाया। वहीं कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी का नामांकन वापस लेने से मुकाबला रोचक होते देख विधायक बिहाणी ने अपने रणनीतिकारों के माध्यम से चांडक खेमे से संपर्क साध लिया। चांडक ने अपने फार्म हाउस में अपने खेमे के पार्षदों को एकत्र किया और एक साथ वोटिंग करने के लिए परिवार के संग पहुंचे।
गौड़ खेमे ने पहले की वोटिंग
सुबह दस बजे मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई तो प्रत्याशी गौड़ ने पांच पार्षदों के साथ वोटिंग की। इसके बाद पांडे आई। दोपहर साढ़े बारह बजे तक कांग्रेस की कमला बिश्नोई समेत 19 पार्षद वोट पोल कर चुके थे। इसके बाद बीकानेर के बाडेबंदी से आए पार्षदों का काफिल पहुंचा तो जयश्रीराम के जयघोष लगने शुरू हो गए। वहीं चांडक परिवार भी भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने आया। कई निर्दलीय भी अपने स्तर पर वोट देने के बाद वापस लौट गए।
पुलिस छावनी में तब्दील रहा नगर परिषद कैम्पस
नगर परिषद कैम्पस रविवार को सुबह से दोपहर तीन बजे पुलिस छावनी के रूप में तब्दील रहा। यहां तक कि केन्द्रीय कारागृह के पास, एसपी कार्यालय, गंगासिंह चौक और सीएमएचओ ऑफिस के पास बेरीेकेट़स लगाकर वाहनों की आवाजाही रोकी रही। एडीएम प्रशासन अरविन्द जाखड़ भी मतदान स्थल का जायजा लेने पहुंचे। मतदान स्थल पर उपखंड अधिकारी कैलाशचन्द्र शर्मा के अलावा कोतवाली का जाब्ता मौजूद रहा।
चार साल तक रही नेता प्रतिपक्ष
डा. बबीता गौड़ ने चार साल पहले करुणा चांडक के खिलाफ सभापति का चुनाव लड़ा था, तब तीन वोटों के अंतर से चुनाव हार गई थी। चांडक सभापति निर्वाचित हुई थी। तब भाजपा ने गौड़ को नेता प्रतिपक्ष बना दिया। इससे कई भाजपा पार्षद उनके साथ की बजाय चांडक खेमे में चले गए। विधानसभा चुनाव के उपरांत चांडक ने जब इस्तीफा दिया तो सभापति की कुर्सी पर पांडे को मनोनीत कराने के लिए भाजपा पार्षद लामबंद हो गए। विधायक बिहाणी ने पांडे का मनोनयन भी कराया लेकिन चुनाव आयोग ने चुनाव की प्रक्रिया कर दी।
इसलिए भाजपा ने कसा शिकंजा
विधानसभा चुनाव के बाद श्रीकरणपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की करारी हार हुई थी। ऐसे में भाजपा नेे नगर परिषद सभापति के उपचुनाव में अपनी किरकरी से बचने के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया। ऐसे में विधायक ने इस चुनाव की कमान खुद संभाली। पहले भाजपा के अधिकृत पार्षदों को अपने बाड़े में लिया। इसके बाद निर्दलीय पार्षदों से संपर्क साधा। इसके बावजूद हार जीत की आंशका लगी तो चांडक खेमे को अपने विश्वास में ले लिया। वहीं हार के बाद चांडक ने भी इस अवसर को भुनाने में कोई कसर नहीं रखी।
तब गौड़ और अब बिहाणी बने अड़चन
गौड़ सभापति बनने के लिए चार साल पहले जब चांडक के समक्ष चुनाव लड़ी थी तब विधायक राजकुमार गौड़ ने अपने खेमे के छह पार्षदों को उनके पक्ष की बजाय चांडक के पक्ष में वोटिंग करवाकर पूरा समीकरण बिगाड़ दिया था। इस बार फिर से गौड़ ने सभापति बनने के लिए प्रयास किए लेकिन भाजपा ने इस बार गौड़ की बजाय पांडे को टिकट दी, बागी होकर गौड़ मैदान में आई तो विधायक बिहाणी पांडे के सारथी के रूप में खड़े हो गए।
वोटों का यह रहा समीकरण
निर्दलीय प्रत्याशी गौड़ के पक्ष में खुद के अलावा पांच कांग्रेसी और सात निर्दलीय कुल 13 पार्षदों ने वोटिंग की । जबकि पांडे के पक्ष में खुद के अलावा भाजपा के 22, कांग्रेस के 14 और निर्दलीय 15 कुल 52 पोल हुए। पोलिंग के दौरान ही यह आभास हो चुका था कि पांडे की जीत पक्की हैँ लेकिन वोट कितने मिलेंगे, यह उत्सुकता बनी रही।

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