श्रीगंगानगर. सुखाड़िया सर्किल भारत माता चौक की अब दशा और दिशा में बदलाव आएगा आयुक्त कपिल यादव ने सोमवार को इस चौक का जाजया लिया और अपने साथ आए जेईएन चंदन को टूटी रेलिंग को दुरुस्त करने, फव्वारा सिस्टम को सुधारने के निर्देश दिए। जबकि इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गांरटी योजना के तीन श्रमिकों को रोजाना इस चौक की साफ सफाई और देखभाल के लिए मेट सर्वजीत कौर को पाबंद किया। इससे पहले आयुक्त यादव ने भारत माता की प्रतिमा पर जमी धूल, जंग लगे फव्वारा यंत्र और पसरी गंदगी पर नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों से इस चौक की अनदेखी पर भी सवाल जवाब किए।
इस निरीक्षण के दौरान आयुक्त का कहना था कि शहर के विभिन्न चौक-चौराहों की मरम्मत के लिए तीस लाख रुपए का बजट खर्च किया जाएगा। इसके लिए वर्क ऑर्डर भी जारी किए गए है। शहरी नरेगा के माध्यम से इस कार्य को प्राथमिकता से कराने का प्रयास किया जाएगा।
इसी चौक पर एक सौ फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज के लिए पोल लगा हुआ है। करीब दो माह पहले ध्वज बदलने का तर्क देते हुए उतरवा लिया था, लेकिन वापस लगाने की जहमत नहीं उठाई। इस संबंध में आयुक्त ने अधीनस्थ अधिकारियों से जवाब मांगा है। उन्हेांने बताया कि संबंधित ठेका फर्म के संचालक को तलब कर जल्द राष्ट्रीय ध्वज लगाया जाएगा।
भारतीय सेना की विजय के प्रतीक टैंक के फाउण्डेशन की जर्जर हालात को भी आयुक्त यादव ने देखा। इस स्थल की मरम्मत कराने के लिए जेईएन से चर्चा भी की। आयुक्त ने स्वीकारा कि इस टैंक का फाउण्डेशन काफी जर्जर हो चुका है। इसे सुधारने के लिए जल्द निर्माण कराया जाएगा। सेल्फी प्वाइंट भी बनाने का प्रयास किया जाएगा ताकि बच्चे इस टैँक देखकर भारतीय सेना के जज्बों को सलाम कर सके। इस टैंक के आसपास होर्डिग्स और साइन बोर्ड हटाने के भी निर्देश दिए।
भारत माता चौक पर आयुक्त यादव जब जायजा लेने लगे तब इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गांरटी योजना के तहत 13 महिला श्रमिक वहां सफाई करती नजर आई। इस योजना के मैनेजर सुरेन्द्र वर्मा का कहना था कि इस चौक की साफ सफाई कराने के निर्देश जैसे ही सोमवार सुबह मिले तो श्रमिकों की एक टीम को भिजवाया गया। आयुक्त का कहना था कि नरेगा के तीन श्रमिक इस चौक की रोजाना देखभाल करेंगे। इसके लिए मेट सर्वजीत कौर को पाबंद किया है। इस मेट को रोजाना अब श्रमिकों के कामकाज की रिपोर्ट करने के लिए अधिकृत किया गया है। ज्ञात रहे कि इस चौक की साफ सफाई नहीं हो रही थी और गंदगी के ढेर लगने लगे है।