29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

श्रीगंगानगर में बैकफुट पर आया नगर परिषद अमला, उखाड़ी गार्डर

City council staff on backfoot in Sriganganagar, uprooted guard- ठेकेदार ने बस ऑपरेटरों के लिए लोहे की गार्डर उखाडऩे की बजाय लगाने की दी थी छूट.

2 min read
Google source verification
श्रीगंगानगर में बैकफुट पर आया नगर परिषद अमला, उखाड़ी गार्डर

श्रीगंगानगर में बैकफुट पर आया नगर परिषद अमला, उखाड़ी गार्डर

श्रीगंगानगर. लॉक डाउन में सडक़ किनारे बिछाई गई इंटरलोकिंग टाइल्स को फिर से उखाडकऱ कर अब कब्जे करने की नीयत से लगाए गए गार्डर को उखाड़ दिया है।

ठेकेदर ने बस ऑपरेटरों के लिए लोहे की गार्डर उखाडऩे की बजाय लगाने की छूट दी थी लेकिन शिकायतों का अंबार लगा तो हरकत में आए नगर परिषद सभापति और आयुक्त ने कोडा चौक पर पहुंचकर वहां लगाए गए गार्डर को उखाडऩे के आदेश किए।

इस पर ठेकेदार के कारीगरों और श्रमिकों ने उसी समय इस गार्डर को उखाड़ दिए। आयुक्त प्रियंका बुडानिया का कहना था कि किसी भी सूरत में अब कब्जा बर्दाश्त नहीं करेंगे। पिछले दिनों कोडा चौक से उधमसिंह चौक तक सडक़ किनारे टाइल्स बिछाने के लिए नगर परिषद प्रशासन ने ठेका फर्म विशाल बिल्डर्स को अधिकृत किया था।

इस फर्म के कारीगरों ने बस ऑपरेटरों के लिए वहां लोहे की गार्डर को उखाडऩे की बजाय लगाने की छूट दे दी ताकि लॉक डाउन समाप्त होने के बाद इन ऑपरेटरों को वहां अपना टीन शैड लगाने में कोई अड़चन नहीं आ सके। इस गार्डर लगाने की शिकायत जब आयुक्त तक पहुंची।
इधर, नगर परिषद बोर्ड में नेता प्रतिपक्ष बबीता गौड़ ने लॉक डाउन की आड़ में हो रहे निर्माण कार्यो पर आपत्ति दर्ज कराई है।

गौड़ का कहना था कि एक ओर जिला प्रशासन जरुरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिददोजहद कर रहा है तो वहीं नगर परिषद प्रशासन निर्माण कार्यो की खानापूर्ति में लगा हुआ है।

इस बीच नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता सिद्धार्थ जांदू का कहना है कि कोडा चौक के पास बस ऑपरेटरों की ओर से लगाए गए लोहे की गार्डर के संबंध में शिकायत आई है।

वहीं नगर परिषद प्रशासन ने पुलिस कंट्रोल रूम के सामने रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट के पास कब्जे को साफ कर दिया। जेईएन जांदू ने बताया कि इस गेट पर काफी पहले सार्वजनिक मूत्रालय बना हुआ था लेकिन पान बीड़ी के खोखे के संचालकोंं ने इस जगह पर अपना कब्जा जमा लिया।

इस सरकारी भूमि को साफ करने के लिए पहले कई बार कब्जेधारको को खदेड़ा भी गया लेकिन वे नहीं माने। अब लॉक डाउन के दौरान इन भूमि को कब्जा मुक्त करवाकर वहां इंटरलोकिंग टाइल्स बिछा दी गई है।

Story Loader