
शहर के मुख्य मार्गों पर बुधवार रात रोडलाइट एकाएक ठप हो गई। इस कारण मुख्य मार्गों पर अंधेरा छा गया।
रोड लाइट ठप, मुख्य मार्गो पर छाया अंधेरा
श्रीगंगानगर.
शहर के मुख्य मार्गों पर बुधवार रात रोडलाइट एकाएक ठप हो गई। इस कारण मुख्य मार्गों पर अंधेरा छा गया। अंधेरे के चलते दुपहिया वाहन चालकों को अधिक परेशानी हुई। शिव चौक से राजकीय जिला चिकित्सालय तक डिवाइडर पर लगे बिजली के खंभों पर लगी रोडलाइट बंद रही। वहीं गगन पथ से मीरा मार्ग तक इंदिरा वाटिका क्षेत्र में रोड लाइट पिछले दो दिन से बंद है। इसी तरह हनुमानगढ़ रोड से लेकर आनंद विहार कॉलोनी तक मुख्य रोड भी रोड लाइट बंद होने से एक सप्ताह से दुरुस्त नहीं हो पाई है। न्यास सचिव कैलाशचन्द्र शर्मा ने बताया कि इस संबंध में विद्युत शाखा कार्मिकों को मौके पर जाकर दुरुस्त कराने के आदेश दिए हैं। इधर, नगर परिषद की एईएन सुखपाल कौर ने बताया कि परिषद क्षेत्र में लाइट खराब होने के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। जवाहरनगर क्षेत्र में रोड लाइट गुरुवार सुबह दुरुस्त कराई जाएगी।
रेलवे आरक्षण के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची
श्रीगंगानगर.
होली पर छुट्टियों के चलते रेलगाडिय़ों में भी यात्री भार बढ़ा है। लंबी दूरी की सवारी गाडिय़ों में वेटिंग लिस्ट काफी लंबी हो गई है। रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए श्रीगंगानगर हरिद्वार और श्रीगंगानगर दिल्ली इंटरसिटी में एक-एक तृतीय एसी श्रेणी कोच लगाने का निर्णय लिया है। नांदेड़ एक्सप्रेस में वेटिंग लिस्ट 90 यात्रियों से अधिक हो गई है। सीनियर डीसीएम सीआर कुमावत ने बताया कि एक मार्च से 31 मार्च तक श्रीगंगानगर-हरिद्वार और श्रीगंगानगर-दिल्ली इंटरसिटी में दो मार्च से एक अप्रेल तक तथा दिल्ली से 3 मार्च से 2 अप्रेल तक एक-एक अतिरिक्त तृतीय एसी कोच अस्थाई रूप से लगाए जाएंगे। नांदेड एक्सप्रेस में 15 दिन पहले ही आरक्षित लोगों की सूची 50 पार कर गई थी। फिलहाल आरक्षण के इच्छुक यात्रियों की संंख्या 90 से अधिक पहुंच गई है। दिल्ली जाने वाले आमयात्री या तो बसों से जा रहे हैं या फिर वे दिल्ली इंटरसिटी का सहारा ले रहे हैं। बुधवार सुबह सात बजे श्रीगंगानगर पहुंचने वाली उद्यान-आभा तूफान एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से लगभग 13 घंटे की देरी से चल रही है।
सरसों उत्पादन तकनीक पर अधिकारियों को प्रशिक्षण
श्रीगंगानगर.
कृषि अनुसंधान केंद्र, सरसों अनुसंधान निदेशालय, भरतपुर की ओर से कृषि अधिकारियों को सरसों उत्पादन तकनीक पर प्रशिक्षण दिया गया। दो दिन चले इस शिविर में केंद्र के प्रभारी डॉ. उम्मेदसिंह शेखावत, संयुक्त निदेशक विजेंद्र सिंह नैण, प्रशिक्षण प्रभारी डॉ.बीएस मीणा, डॉ.दशरथ प्रसाद, डॉ.एसके बैरवा, डॉ. रूपसिंह मीणा, डॉ.आरपीएस चौहान और डॉ.रघुवीर सिंह मीणा ने विभिन्न तरह की जानकारी विस्तार से दी। प्रशिक्षणार्थी सहायक कृषि अधिकारियों एवं कृषि पर्यवेक्षकों ने अपने-अपने क्षेत्र में सरसों की ताजा स्थिति की जानकारी शिविर में दी। बेहतर पोषक तत्व प्रबंधन तथा जैविक खेती पर जोर की आवश्यकता भी शिविर में मानी गई।
Published on:
01 Mar 2018 01:56 pm
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