श्रीगंगानगर। इलाके में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मनमोहन गुप्ता को आखिरकार राजस्थान उच्च न्यायालय ने अंतरिम राहत दे दी है। डेढ़ महीने के बाद अगली सुनवाई होने तक यह अंतरिम आदेश प्रभावी रह सकता हैं। राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने पिछले दिनों सीएमएचओ रहे डा. मनमोहन गुप्ता को एपीओ कर दिया था। डा.गुप्ता अपने प्रतीक्षा नियुक्ति के आदेश के खिलाफ राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर की शरण ली। स्थगन याचिका में डा. गुप्ता ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के राज्य शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और पंचायत राज स्वास्थ्य के संयुक्त सचिव,चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जयपुर के निदेशक और इसी विभाग के संयुक्त निदेशक बीकानेर को पक्षकार बनाया।
वकील देवीलाल रावला के अनुसार इस याचिका में डा. गुप्ता का कहना था कि वह चूरू जिले के तारानगर सीएचसी के प्रभारी के तौर पर कार्यरत था, जिसे सरकार ने 3 अगस्त 2022 को उसे श्रीगंगानगर सीएमएचओ के पद पर नियुक्त किया गया था। लेकिन 1 मार्च 23 को उसे प्रतीक्षारत पदस्थापना आदेश में रखा गया है। इस एपीओ के आदेश करने में कोई कारण नहीं बताया गया। यह आदेश राजस्थान सेवा नियम, 1951 के नियम 25-ए के तहत दिए गए निर्देशों के विपरीत है।
हाईकोर्ट जस्टिस विनीत कुमार माथुर ने इस संबंध में अतिरिक्त महाधिवक्ता केएस राजपुरोहित के माध्यम से सरकार और संबंधित पक्षकारों के खिलाफ नोटिस जारी किया। हाईकोर्ट जस्टिस ने आगामी सुनवाई होने तक एपीओ आदेश के प्रभाव और संचालन पर रोक रहेगी। इसके साथ साथ हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अतिरिक्त महाधिवक्ता को अंतरिम आदेश को रद्द करने के लिए उचित आवेदन प्रस्तुत करने के लिए स्वतंत्र होंगे, यदि उन्हें ऐसा लगता है।
इधर, हाईकोर्ट में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट बिल लागू करने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं की ओर से अदालती कामकाज के बहिष्कार को देखते हुए अधिवक्ता की बजाय याचिकाकर्ता डा. गुप्ता व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। इस पर अदालत ने याचिकाकर्ता को सुना गया।
उधर, इधर, कार्यवाहक सीएमएचओ डा. गिरधारीलाल मेहरड़ा ने स्वीकारा कि डा. गुप्ता को हाईकोर्ट से स्टे मिल चुका है। इस संबंध में डा. गुप्ता कभी भी अपनी कुर्सी पर आकर कार्य कर सकते है। मेहरड़ा के अनुसार गुप्ता को जब एपीओ आदेश मिला तो वे अवकाश पर चले गए थे। सीएमएचओ पद पर अभी गुप्ता ही हैं। नया आदेश नहीं आया है। ऐसे में गुप्ता किसी भी समय ऑफिस में आकर अपना कार्यभार संभाल सकते है।