
श्रीगंगानगर.
आठ नवंबर को नोटबंदी को एक साल पूरा होने पर कांग्रेस देशभर में एनडीए सरकार के इस फैसले को गलत बताते हुए काला दिवस के रूप में मना रही है। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष संतोष सहारण ने सोमवार को मीडिया से कहा कि कि देश के प्रधानमंत्री ने नोटबंदी का निर्णय बिना किसी से विचार-विमर्श लिए था। इस फैसले से हर वर्ग का व्यक्ति प्रभावित हुआ। खुद के पैसे बैंक में जमा होने और पास होने के बावजूद लोगों को समय पर पैसे नहीं मिले। पैसे के लिए लोगों को कई माह तक लंबी लाइन में लगना पड़ा। इस लाइन के चक्कर में देश में बहुत से लोगों की जान तक चली गई।
इसके विरोध में आठ नंबर को भाजपा की सरकार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध-प्रदर्शन । इसके बाद जिला कलक्टर को प्रधानमंत्री के नाम नोटबंदी का ज्ञापन दिया जाएगा।
एक भी बात सही साबित नहीं हुई
जिला कांग्रेस प्रभारी व कांग्रेस कमेटी के राज्य महासचिव मनीष धारणियां ने कहा कि मोदी जी ने नोटबंदी करते हुए कहा था कि देश में कालाधन पर अकुंश लग जाएगा, भ्रष्टाचार समाप्त हो जाएगा,देश में आंतकबाद और नक्सलबाद पर अंकुश लग जाएगा। लेकिन जमीन स्तर पर कुछ नहीं हुआ । इस दौरान व्यापारी,आम व्यक्ति और किसान वर्ग को खाद-बीज के लिए पैसे तक नहीं मिल पाए। इससे देश की विकास दर दो प्रतिशत तक गिर गई।
यूआईटी के पूर्व अध्यक्ष व पीसीसी सदस्य राजकुमार गौड़ ने कहा कि इस निर्णय के खिलाफ कांग्रेस पाटी हर वर्ग को साथ लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रही है और पार्टी के जिला मुख्यालय श्रीमौती पैलेस से सुबह 11 बजे काली पट्टी बांध कर जुलूस के रूप में मुख्य बाजार से होते हुए कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन कर रोष प्रकट किया जाएगा। इस मौका कांग्रेस पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष नमिता सेठी, पीसीसी सदस्य मनिंद्रकौर नंदा, उपाध्यक्ष भीमराज डाबी, व्यापारी नेता कृष्ण मील,नरेश सेतिया, कृष्ण भांभू,जगदीश घणघस, कांग्रेस के यूथ अध्यक्ष मोहित भाखर व प्रवक्ता आदेश बाघला सहित मौजूद थे।
Updated on:
7 Nov 2017, 7:41 AM IST
Published on:
7 Nov 2017, 6:20 AM IST
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