श्रीगंगानगर. जिला मुख्यालय पर अब एक ही छत के नीचे एक साथ इक्कीस अदालतों का संचालन हो सकेगा। इससे नई कोर्ट बिल्डिंग के निर्माण की अब उम्मीद जागी है। इलाके के दौरे पर आए राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस मनोज गर्ग ने राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत की। इस संबंध में चुनिंदा सवालों के जवाब दिए।
पत्रिका: शिलान्यास कार्यक्रम होने के करीब दो साल बाद भी अब तक नई कोर्ट कॉम्पलैक्स का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है, आखिर कब होगा यह काम?
गर्ग- अब सरकार ने आरएसआरडीसी को नोडल एजेंसी बनाकर जयपुर की हरीनारायण खंडेलवाल कंपनी को ठेका दिया है। इसका वर्क ऑर्डर भी हो चुका है। अगले महीने 21 जून से पुरानी शुगर मिल की 18 बीघा भूमि पर करीब चार मंजिला नई कोर्ट कॉम्पलैक्स का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
पत्रिका- नई कोर्ट कॉम्पलैक्स का निर्माण कार्य कब तक होगा पूरा?
गर्ग- वर्क ऑर्डर जिस कंपनी को दिया है, उसे 20 दिसम्बर 2024 तक पहले चरण में काम करने की समय अवधि निर्धारित की है। पहले चरण में 22 करोड़ रुपए का बजट खर्च होगा। इसके बाद दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। करीब 56 करोड़ रुपए का बजट खर्च होने जा रहा है।
पत्रिका- भवन निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की शिकायतें ज्यादा रहती है, इस संबंध में न्याय प्रशासन की ओर से भी कोई कमेटी बनाई है या नहीं?
गर्ग- इस मामले में कमेटी बनाई गई और इसमें अनुभवी वकीलों को शामिल करने के संबंध जिला सेशन जज को अधिकृत किया गया है।
पत्रिका- अधिवक्ताओं की बार बार यह मांग रहती है कि वकीलों के लिए चैम्बर्स की संख्या बढ़ाई जाएं, आप सही स्थिति के बारे में अवगत करवाएं?
गर्ग- देखिए वकीलों के चैम्बर्स निर्माण की प्रक्रिया को लेकर केन्द्र सरकार भी गंभीर है। इस संबंध में कई जगह याचिका भी दायर हो चुकी है। सबसे पहले नई कोर्ट कॉम्पलैक्स का निर्माण पर फोकस किया जा रहा है। वकीलों के चैम्बर्स निर्माण अभी नहीं हो सकेगा।
पत्रिका- मुख्यमंत्री ने बजट घोषणा में कई जगह नई अदालतों का संचालन करने की घोषणा की थी, उसके अनुरुप न्यायिक कर्मियों की कमी है। ऐसे में कार्मिकों की नई भर्तियां कब तक होगी?
गर्ग- नई कोर्ट की प्रक्रिया लगभग पूरी हो रही है। स्टाफ के लिए अगले तीन या चार दिन में न्यायिक कर्मियों की भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया भी पूरी हो रही है, यूं मानिए कि अगले महीने तक सारा सैटअप हो सकेगा।
पत्रिका- जिला मुख्यालय पर कई अदालतों के लिए भवन और ऑफिस संचालित करने के लिए मौजूदा सैशन कोर्ट कैम्पस में जगह नहीं है। ऐसे में न्याय प्रशासन स्तर पर क्या कदम उठा रहे हैं?
गर्ग- यह सही बात है कि सैशन कोर्ट कैम्पस में अब उतना स्पेस नहीं है कि वहां नए भवन बना सके। जब तक नई कोर्ट कॉम्पलैक्स का निर्माण नहीं होता तब तक इस समस्या से निपटने के लिए सीएमएचओ ऑफिस से सटे पुराने टीबी अस्पताल और नर्सिग कॉलेज की बिल्डिंग में विभिन्न अदालतों का संचालन करने की कवायद शुरू हो चुकी है। अगले चंद दिनों में यह प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।