श्री गंगानगर

किसानों को रास आ रही मेडबंदी से नरमा की बिजाई

—इजरायली तकनीक ने खींचा किसानों का ध्यान श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में किसानों को मेडबंदी से नरमा की खेती करना रास आ रहा है। इस विधि से उत्पादन अधिक होता है। साथ ही पानी की भी काफी बचत होती है।

less than 1 minute read
किसानों को रास आ रही मेडबंदी से नरमा की बिजाई

पौधों की जड़ें भी रहती हैं मजबूत
किसान कृष्ण लाल बिश्नोई ने बताया कि मेडबंदी की इस इजरायली तकनीक से बिजाई करने पर पानी की 70 फीसदी तक बचत होती है। खर्चा भी कम आता है । बारिश से कुरंड होने का खतरा टल जाता है। मेड़ विधि से की गई नरमा की बिजाई में पौधे की जड़ मजबूत बनी रहती है तथा उखेड़ा रोग की आशंका भी नहीं रहती।

5 क्विंटल प्रति बीघा उत्पादन
किसान रवि कड़वासरा ने बताया कि फ सल की जड़ों में नमी रहने से लंबे समय तक बिना पानी भी फ सल रह सकती है। करीब पांच क्विंटल प्रति बीघा उत्पादन होता है। फसल को उगाने में पौधे से पौधे की दूरी 4 फीट होनी चाहिए।

जून में भी कर सकते हैं बिजाई
मेड विधि से की गई नरमा की बिजाई में अब हो रही बारिश से किसानों को काफी राहत मिलेगी। सहायक कृषि अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि जून माह में भी किसान मेड़बन्दी से नरमा (बीटी कॉटन) व नॉन बीटी कॉटन फसल की बिजाई कर सकते हैं। अब बारिश-ओलावृष्टि के कारण बिजाई संभव नहीं है।

विष्णु मंडा — लूणिया

Published on:
13 Jun 2023 12:55 pm
Also Read
View All

अगली खबर