श्रीगंगानगर. नगर परिषद बोर्ड की बजट बैठक पिछले सप्ताह सांसद निहालचंद और विधायक राजकुमार गौड़ को निमंत्रण देने में हुई चूक से ऐन टाइम पर स्थगित कर दी गई थी, इस चूक से सबक लेते हुए नगर परिषद प्रशासन ने अब सांसद और विधायक को व्यक्तिगत न्यौता दिया है। अब यह बजट बैठक 14 मार्च को नगर परिषद सभागार में बुलाई गई है। पिछले सप्ताह दो मार्च को यह बैठक तय की गई थी लेकिन इस बैठक से पहले ही नगर परिषद आयुक्त विश्वास गोदारा को सांसद और विधायक के पास सूचना नहीं पहुंचने की जानकारी मिली तो उन्होंने यह बैठक स्थगित करने की सूचना जारी कर दी गई।
सांसद और विधायक को सूचना देने में चूक के लिए आयुक्त गोदारा ने कार्यालय अधीक्षक लीलाधर बंसल और चार सहायक कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया थ। लेकिन जनप्रतिनिधियों की प्रभाव में आकर चार सहायक कर्मियों को बहाल कर दिया है जबकि कार्यालय अधीक्षक के बहाली का प्रकरण अभी लंबित है। इस बैठक के स्थगित होने से अधिकांश पार्षदों को निराशा हाथ लगी थी, करीब एक साल से अधिक का समय बीतने के बावजूद नगर परिषद बोर्ड की एक भी बैठक नहीं हो पाई। इन पार्षदों का कहना है कि नगर परिषद प्रशासन ने वार्डो की समस्याओं के संबंध में बैठक आयोजित कराने को उचित नहीं समझा जबकि नगर पालिका एक्ट में विशेष रूप से हर तीन माह में एक बैठक आयोजित करने का नियम बना रखा है।
इस बीच, नगर परिषद प्रशासन ने आगामी वित्तीय वर्ष 2023-2024 के लिए 186 करोड़ 6 लाख 45 हजार रुपए का बजट रखा जाएगा। जबकि पिछले साल 2022-2023 का बजट 150 करोड़ 68 लाख 45 हजार रुपए का पारित कराया गया था। नगर परिषद प्रशासन ने जनवरी तक 107 करोड़ 6 लाख 76 हजार रुपए बजट राशि खर्च कर डाली है।वहीं सर्व सम्मति से बजट पारित कराने के लिए सभापति का खेमा लामबंद हो गया है।
हालांकि कई कांग्रेसी पार्षदों ने अलग से नया गुट बनाया है। इस गुट ने सभापति के कार्यकाल पर सवाल उठाए है। इसमें नगर परिषद में भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं रखने और नियमित रूप से नगर परिषद बोर्ड की बैठक आयोजित नहीं करने की वजह को तूल दिया है। इस गुट में शामिल पार्षदों को मनाने की कवायद शुरू की है। वहीं सभापति खेमे ने कांग्रेसी, निर्दलीय और भाजपा पार्षदों से तालमेल बिठाया है। पिछले सप्ताह सभापति की ओर से बुलाई गई चाय चर्चा बैठक में भाजपा के 24 में से 17 पार्षद पहुंच गए थे। वहीं अधिकांश निर्दलीय भी सत्ता पक्ष के खेमे में है। इधर, प्रतिपक्ष नेता डा. बबीता गौड़ ने ऑटो टीपर की खरीद घोटाले, आवारा श्वान की समस्या, बरसाती पानी निकासी जैसे मुद़्दों पर सभापति को घेरने की तैयारी की है।