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श्रीगंगानगर.
इलाके के रामसिंहपुर थाना क्षेत्र के एक शख्स ने जिस युवती का देहशोषण किया, अब उसे ही अपना जीवन साथी बना लिया। दोनों ने अपने परिवार के समक्ष शादी की तो अदालत ने आरोपित शख्स की जमानत अब स्थायी रूप से स्वीकार कर ली। अदालत ने पिछले सप्ताह आरोपित को शादी के लिए चार दिन की अतंरिम जमानत दी थी। शादी के बाद उसने वैवाहिक कार्यक्रम के फोटो और शपथपत्र दिया। पीडि़त पक्ष ने भी यह बात मान ली कि पीडि़ता और आरोपित अब वैवाहिक बंधन में बंध गए हैं। अदालत ने शनिवार को आरोपित को पचास हजार रुपए के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी राशि के जमानत मुचलके पर स्थायी जमानत पर रिहा रहने के आदेश किए।
मामले के अनुसार 27 जुलाई 17 को रामसिंहपुर थाने में पीडि़ता ने रिपोर्ट दी। इसमें बताया गया कि तीन साल पहले पीडि़ता की पहचान रेडबग्गी निवासी करणराय से हुई थी। इस बीच शारीरिक संबंध स्थापित हो गए।वह तीन बार गर्भवती हुई, लेकिन उसका गर्भपात करवा दिया गया। आरोपित बार-बार शादी देने का झांसा देता रहा। पुलिस ने इस मामले में करणराय को गिरफ्तार किया। अदालत ने आरोपित को चार अगस्त को न्याायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
दोनों पक्षों में हुई सुलह
महिला उत्पीडऩ एवं दहेज प्रकरण मामलों की विशेष कोर्ट के विशिष्ट न्यायाधीश और सेशन जज देवेन्द्र जोशी के समक्ष दोनों पक्ष पिछले सप्ताह पेश हुए। इन दोनों पक्षों ने आरोपित और पीडि़ता में शादी की पेशकश की। पक्षकारों का कहना था कि सुलह हो गई है। ऐसे में लड़का और लड़की शादी करना चाहते हैं। आरोपित की ओर से शादी के लिए चार दिन की मोहलत मांगी गई। इस पर अदालत ने चार दिन की अंतरिम जमानत स्वीकार करते हुए रिहा करने के आदेश किए। शनिवार को शादी संबंधित दस्तावेज पेश किए गए, जिसके आधार पर अदालत ने इस आरोपित की स्थायी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
Published on:
23 Sept 2017 09:46 pm
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