श्रीगंगानगर। करीब आठ साल पहले मोबाइल चोरी होने के बावजूद क्लेम राशि नहीं देेने पर अब बीमा कंपनी को दस हजार रुपए का हर्जाना चुकाने के साथ साथ क्लेम राशि ब्याज सहित देने के आदेश जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने दिए है। पुरानी आबादी वार्ड दस निवासी हरीचंद कालड़ा पुत्र किशनदास ने परिवाद दिया कि उसने गोलबाजार में दुकान मोबाइल स्टोर से एक मोबाइल 18 हजार 600 रुपए में खरीदा और उसने नेशनल इंशोरेंस कंपनी से 21 अक्टूबर 2014 से 20 अक्टूबर 2015 तक समय अवधि का बीमा कराया। लेकिन यह मोबाइल 30 जनवरी 15 को चोरी हो गया तो बीमा कंपनी ने क्लेम देने से इंकार कर दिया। इस पर उपभोक्ता हरीचंद ने अदालत की शरण ली। इस पर अदालत ने दुकानदार की बजाय बीमा कंपनी नेशनल इंशोरेंस कंपनी को सेवा में कमी मानते हुए उसे दोषी माना। इस पर अदालत ने दो माह में बीमा क्लेम राशि चोरी की वारदात से लेकर अब अदायगी तक नौ प्रतिशत ब्याज सहित देने के साथ साथ परिवादी को शारीरिक व मानसिक क्षतिपूर्ति के एवज में पांच हजार रुपए और परिवाद व्यय के पांच हजार रुपए देने के आदेश दिए है।