
कोटपा अधिनियम के तहत कलक्टर से लेकर स्कूल में प्रधानाध्यापक तक कार्रवाई कर सकते है, लेकिन पुलिस और चिकित्सा विभाग को ही तम्बाकू का सेवन करते लोग दिखे हैं। इन दो विभागों के अलावा अन्य 20 से ज्यादा कार्यालयों ने कोटपा अधिनियम के तहत मिली चालान बुक को संभाल कर रखा है।
इसके चलते शहर में सिनेमाघर, रेस्टोरेंट, अस्पताल, सरकारी कार्यालय या सार्वजनिक स्थान पर स्मोकिंग, पान मसाला, खैनी या गुटखा खाने वाले मिल ही जाते हैं। एेसे में शहर में तंबाकू निषेध की पालना नहीं हो रही। इस नियम के तहत पुलिस ने 3 लाख 33 हजार और चिकित्सा विभाग ने 84 हजार रुपए के चालान काटे हैं।
प्रोग्राम चला रहे, चालान नहीं कर सकते
एनटीसीपी प्रोग्राम को चला रहे कर्मचारी ही चालान नहीं काट सकते है। कोटपा एक्ट के तहत उन्हें ध्रूमपान या तम्बाकू का प्रयोग करते व्यक्ति को नहीं रोक सकते है। एेसे में वे स्वयं खाद्य सुरक्षा अधिकारी या पुलिस को लेकर जाते है। इसके बाद ही कार्रवाई करते है।
इन विभागों के पास चालान बुक
चिकित्सा विभाग ने इस अधिनियम के तहत 402 रसीद बुक तंबाकू निषेध के लिए दी है। इसमें रोडवेज, जिला परिषद, सभी एसडीओ व ब्लॉक कार्यालय, मेडिकल कॉलेज, रामपुरा जिला अस्पताल, एमबीएस व नया अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, विज्ञाननगर व टिपटा डिस्पेंसरी ने एक भी चालान नहीं काटा है। इसके साथ शिक्षा विभाग को जिला व ब्लॉक स्तर कार्यालय के माध्यम से स्कूलों के लिए भी दी गई है, लेकिन चालान पुलिस, खाद्य सुरक्षा अधिकारी व जेके लोन अस्पताल ने ही काटे हैं।
सबसे आग्रह करेंगे
पुलिस विभाग ही एक्ट के तहत कार्रवाई कर रहा है। अन्य विभागों से भी सार्वजनिक स्थानों व सरकारी कार्यालयों में धू्रमपान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह करेंगे।
डॉ. आरएन यादव, सीएमएचओ
Published on:
21 Dec 2016 01:00 pm
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