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श्रीगंगानगर.
भ्रूण जांच करने का गिरोह चूरू जिले तक फैला हुआ था। चूरू से भी यहां जिला मुख्यालय पर ग्राहक को लाने के लिए दलालों का गिरोह मोटी रकम लेकर यह धंधा करता था।इस गिरोह से सान्निध्य डायग्रोसिस सेंटर के संचालक के तार भी जुड़े हुए हैं। यह खुलासा पीसीएनडीटी टीम की जांच में हुआ है।
पीसीएनडीटी टीम ने जिला मुख्यालय पर सुखाडिय़ा शॉपिंग सेंटर स्थित सान्निध्य डायग्रोसिस सेंटर के संचालक चिकित्सक अग्रसेननगर निवासी डॉ. नवनीत गर्ग (34) पुत्र परमेश्वर दास, दलाल गांव अरायण निवासी परमजीत कौर पत्नी कुलविंद्र सिंह रामगढिय़ा और पुरुष दलाल गांव छह एच छोटी निवासी जसविंद्र सिंह पुत्र श्रवण सिंह जटसिख को बुधवार रात गिरफ्तार किया गया था। इन तीनों आरोपितों को यहां अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या एक के समक्ष गुरुवार दोपहर बाद पेश किया गया। वहां बचाव पक्ष के वकीलों ने जमानत अर्जियां पेश कीं।
बचाव पक्ष का कहना था कि यह पूरी कार्रवाई मनघड़ंत है। ऐसा कोई चश्मदीद गवाह पीसीएनडीटी टीम के पास नहीं है। यह कार्रवाई जानबूझकर तैयार की गई है। दूसरी ओर, अभियोजन पक्ष का कहना था कि डिकॉय ऑपेरशन में दलालों के माध्यम से भ्रूण जांच कराने के लिए डॉक्टर नवनीत गर्ग खुद तैयार हो गया था। जब यह जांच कर रहा था तब उसे पकड़ा गया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश किए। इधर, चौथे आरोपित दलाल गांव 6 एच छोटी निवासी राजविंद्र की तलाश में पीसीएनडीटी टीम ने जवाहरनगर पुलिस की मदद से वहां दबिश दी लेकिन वह गिरफ्त में नहीं आया।
प्राइवेट चिकित्सकों का लगा जमावड़ा
कोर्ट परिसर में गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे जैसे ही पीसीएनडीटी टीम इन तीनों आरोपितों को वहां लेकर आई तो तमाशबीन की भीड़ लग गई। अधिवक्ताओं के अलावा वहां अन्य लोग भी पहुंच गए। यहां तक कि अल्ट्रासाउण्ड सेंटर के संचालक डॉ. नवनीत गर्ग के पक्ष में शहर के कई प्राइवेट चिकित्सक एकत्र हो गए। एक वरिष्ठ सरकारी चिकित्सक ने भी वहां आकर डॉ. गर्ग की गिरफ्तारी और मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं के बारे में जानकारी जुटाई। इधर, गिरफ्तार दोनों दलालों के परिजन भी वहां पहुंचे थे।
Updated on:
15 Feb 2018 09:47 pm
Published on:
15 Feb 2018 08:47 pm
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