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कन्या भ्रूण हत्या पर रोक के लिए शुरू हुए डिकॉय ऑपरेशन पर लगा ब्रेक

पत्रिका एक्सक्लूसिव :सरकार ने मुखबिर की राशि बढ़ाई,लेकिन कार्रवाई में कमी से उठ रहे सवाल कृष्ण चौहान

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  • श्रीगंगानगर.श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ सहित प्रदेश भर में कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए शुरू हुए डिकॉय ऑपरेशन की गति अब धीमी पड़ गई हैं। ग्रामीण इलाकों में भ्रूण लिंग परीक्षण की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। खासकर महिलाएं पंजाब जाकर इन परीक्षणों का सहारा ले रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में इन ऑपरेशनों की संख्या में गिरावट आई है। जिले में लिंगानुपात की स्थिति भी चौंकाने वाली है। एनएफएस के अनुसार, श्रीगंगानगर में 1000 लडक़ों पर 952 लड़कियां हैं। पिछले पांच वर्षों में श्रीगंगानगर जिले में करीब 15 डिकॉय ऑपरेशन हुए। जिसने काफी हद तक सरहदी क्षेत्र में कन्या भ्रूण हत्या की घटनाओं को नियंत्रित किया था। सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुखबिरों को प्रोत्साहन राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब जो लोग भ्रूण लिंग परीक्षण कराने वाले की सूचना देंगे, उन्हें तीन लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान

  • सरकार ने पीसीपीएनडीटी कानून में भ्रूण लिंग परीक्षण करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान किया है। पीसीपीएनडीटी जिला समन्वयक रणदीप सिंह ने बताया कि योजना में गर्भवती महिला व सहयोगी को दो किस्तों में कुल तीन लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाता है। अब सरकार ने योजना में थोड़ा बदलाव किया है। अब मुखबिर, डिकाय गर्भवती महिला और सहयोगी को पहली किस्त सफल डिकाय होने व दूसरी किस्त न्यायालय में अभियोजन पक्ष के समर्थन में बयान के बाद दी जाएगी।

डिकॉय ऑपरेशन डाटा

  • जिले में 2017 से 2025 तक: 15
  • राज्य में डिकॉय: 171
  • सोनोग्राफी सेंटर की संख्या
  • जिले में: 56 सेंटरराज्य में:लगभग 3000 सेंटर

सेंटर की जांच व्यवस्था

  • हर तीन माह में एक बार सोनोग्राफी सेंटर की जांच की जाती है।
  • प्रत्येक मशीन पर जीपीएस सिस्टम और ट्रैकर लगा हुआ है, जिससे निरीक्षण आसान होता है।

सतर्कता बरती जा रही है

  • श्रीगंगानगर जिले में भ्रूण लिंग परीक्षण की रोकथाम के लिए सतर्कता बरती जा रही है। सोनाग्राफी सेंटर की नियमित निरीक्षण और जीपीएस ट्रैकिंग से निगरानी की जा रही है। मुखबिरी कम हुई है। मुखबिर की प्रोत्साहन राशि अब बढ़ाकर तीन लाख रुपए कर दी गई है।
  • डॉ.अजय सिंगला, सीएमएचओ, श्रीगंगानगर

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