
श्रीगंगानगर.
नगर परिषद में सब कुछ गोलमाल चल रहा है। नियमों की पालना हो रही है या नहीं, इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हैरानी वाली बात यह है कि नक्शा स्वीकृति के विरुद्ध शहर के गोल बाजार स्थित होटल लैंडमार्क का निर्माण अधिक ऊंचाई पर कैसे हो गया।
इस मामले में नगर परिषद के तकनीकी अधिकारी संदेह के घेरे में हैं। अब नगर परिषद इस प्रकरण की विभागीय जांच करवा रही है। हालांकि इस प्रकरण में एक अधिवक्ता ने नगर परिषद आयुक्त सहित तकनीकी अधिकारियों के खिलाफ इस्तगासा के आधार पर मुकदमा दर्ज करवाया है। इस प्रकरण की पुलिस अपने स्तर पर अलग से जांच कर रही है।
आयुक्त के अनुसार इस प्रकरण में नगर परिषद के तकनीकी अधिकारियों की लापरवाही रही है। 24 जनवरी 2017 को अधिवक्ता ने होटल लैंड मार्क की शिकायत नगर परिषद में कर निर्धारित मापदंडों की पालना नहीं करने का आरोप लगाया था। अधिवक्ता की शिकायत पर सात माह तक निर्माण शाखा ने कोई कर्रवाई नहीं की। आयुक्त ने कहा कि इस प्रकरण में सहायक अभियंता मंगत सेतिया, सुखपाल कौर, तत्कालीन कनिष्ठ अभियंता सरदूल सिंह सहित अन्य तकनीकी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकरण में जांच करवाकर लापरवाही बरतने वाले तकनीकी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
डीएलबी के आदेशों के अनुसार 50 फीट ऊंचाई से अधिक ऊंचे होटल का निर्माण नहीं किया जा सकता है जबकि होटल संचालक ने नियमों की परवाह नहीं की। आयुक्त ने कहा कि जो नक्शा पास करवाया गया था उस हिसाब से होटल का निर्माण नहीं किया गया है।
आयुक्त, एईएन व जेईएन पर आरोप
नगरपरिषद आयुक्तसुनीता चौधरी, सहायक अभियंता सरदूल सिंह व एईएन सुखपाल कौर सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ एक व्यक्ति ने जरिए इस्तगासा से पद का दुरुपयोग कर गोल बाजार में होटल का अवैध निर्माण कराए जाने का मामला दर्ज कराया है। कोतवाली पुलिस ने बताया कि सदर बाजार निवासी कुलदीप चंद पुत्र कृष्णचंद ने जरिए इस्तगासा रिपोर्ट दर्ज कराई है कि नगरपरिषद आयुक्त, सहायक अभियंता व एईएन सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों ने पद का दुरुपयोग किया और लोगों का जीवन संकट में डालकर गोल बाजार में होटल का अवैध निर्माण करवा दिया। होटल मालिक ने दो मंजिल खड़ी करने का नक्शा पास कराया था और पांच मंजिल का निर्माण कार्य चल रहा है।
जांच करवाई जाएगी
शहर के गोल बाजार में होटल लैंड मार्क प्रकरण की विस्तृत जांच करवाई जा रही है। शिकायत मिलने के बाद मार्क कर निर्माण शाखा में भेज दी थी, लेकिन सात माह तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इस प्ररकण में तकनीकी अधिकारियों की लापरवाही रही है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुनीता चौधरी, आयुक्त नगर परिषद, श्रीगंगानगर।
Published on:
30 Dec 2017 09:42 am
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