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बरसात पानी से जर्जर मकान हुआ धराशायी

Dilapidated house collapsed due to rain water- सूचना मिलने पर दौड़ा नगर परिषद का अमला

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बरसात पानी से जर्जर मकान हुआ धराशायी

बरसात पानी से जर्जर मकान हुआ धराशायी

श्रीगंगानगर। इलाके में आई बरसात से सी ब्लॉक एरिया में एक बंद पड़ा जर्जर मकान धराशायी हो गया। इस पूरे मकान में छत नीचे आ गिरी। एकाएक हुए धमाके से आसपास बसे लोगों में खलबली मच गई। सूचना मिलने पर नगर परिषद का अमला पहुंचा। पूर्व पार्षद हरविन्द्र सिंह पांडे ने बताया कि यह मकान शिवशंकर गोल्याण ओर राजू गोल्याण बंधुओं का है, इस मकान का किसी ने किराये पर लिया और कब्जा जमा लिया था। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इस कारण इस मकान में कोई व्यक्ति नहीं रहता है। लंबे समय से बंद पड़ा यह मकान जर्जर हो चुका है। मकान धराशायी होने से पड़ौसी मकान की दीवार को नुकसान पहुंचा है। नगर परिषद आयुक्त ने जेईएन शिवांगी बिश्नोई, सफाई निरीक्षक हरेन्द्र और सुनील की अगुवाई में टीम भिजवाई। इस टीम ने जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट नगर परिषद प्रशासन को भिजवाई है।

उमस भरी गर्मी से इस बरसात से राहत मिली। वहीं शहर के अधिकांश इलाके की गलियों मे पानी पसर गया। रवीन्द्र पथ, गौशाला मार्ग, ब्लॉक एरिया, पुरानी आबादी, गगन पथ, मीरा मार्ग एरिया में पानी से लोगों का चलना मुश्किल हो गया था। बरसात आते ही लोगों ने ऑफिस, दुकानेां और घरों की ओट ली। बीच रास्ते में अटके लोगों ने किसी तरह बरसात के रूकने का इंतजार किया। भारी बरसात होने की आंशका को लेकर नगर परिषद की टीमों ने जलभराव क्षेत्रों पर निगरानी रखी। इसका यह परिणाम रहा कि गुुरवार रात आठ बजे तक पानी की निकासी हो गई। हालांकि कई जगह कीचड़ पसरा रहा। सुखाडि़या सर्किल पर पानी इतना अधिक हो गया कि लोगों को इस सर्किल को क्राॅसिंग में परेशानी आई। वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। यहां पानी की निकासी शिव चौक के पास मुख्य नाले में जाती है। यह नाला सूरतगढ़ बाइपास के पास एसटीपी तक पहुंचता है। वहां पानी अधिक भरने का असर सुखाडि़या सर्किल पर रहता है। गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे से लेकर रात आठ बजे तक सुखाडि़या सर्किल पर पानी ही पानी नजर आया। इस पानी की निकासी की जिम्मेदारी यूआईटी प्रशासन की है। लेकिन न्यास प्रशासन सिर्फ टैँकरों की मदद से पानी लिफ़्ट कर रहा है। बरसात के बाद न्यास के अधिकारियों की ओर से पानी निकासी के प्रयास नजर नहीं आए।