
श्रीगंगानगर. फिरोजपुर फीडर, जिसके पुनर्निर्माण के लिए राजस्थान सरकार पंजाब को 200 करोड़ रुपए देगी।
श्रीगंगानगर. गंगनहर को पानी की आपूर्ति करने वाली फिरोजपुर फीडर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) पर चंडीगढ़ में मंथन चल रहा है। पंजाब जल संसाधन विभाग की डिजायन विंग इसे अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। यह काम पूरा होते ही डीपीआर मंजूरी के लिए केन्द्रीय जल आयोग को भेजी जाएगी। फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण पर 567 करोड़ रुपए व्यय होने का अनुमान है। इस राशि से 51 किलोमीटर लंबी नहर की लाइनिंग और बेड का पुनर्निर्माण करवाने के साथ-साथ पुलों और हैडों को भी दुरुस्त किया जाएगा। राजस्थान सरकार को इसके लिए 250 से 260 करोड़ रुपए पंजाब को देने पड़ेंगे। पुनर्निर्माण पर व्यय होने वाली शेष राशि पंजाब वहन करेगा।
राजस्थान सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। हिस्से की शेष राशि भी पंजाब को उपलब्ध करवा दी जाएगी। गंगनहर को पानी की आपूर्ति फिरोजपुर फीडर से होती है। फिरोजपुर फीडर नहर का निर्माण 1957-58 में हुआ था। इस नहर की आयु 50 साल की थी, जो डेढ़ दशक पहले पूर्ण हो चुकी है। वर्तमान में इस नहर की लाइनिंग जगह-जगह से ध्वस्त होने से इसकी जलग्रहण क्षमता 11192 क्सूसेक से घटकर 9000-9500 क्यूसेक रह गई है। जलग्रहण क्षमता में आई कमी का खमियाजा गंगनहर के किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण से सबसे ज्यादा फायदा गंगनहर के किसानों को होगा। इस नहर के क्षतिग्रस्त होने से जलग्रहण क्षमता में जो कमी आई है, उसकी मार गंगनहर के किसानों पर पड़ रही है। पंजाब अपनी दो नहरों सरहिंद फीडर नहर और ईस्टर्न कैनाल को पूरा पानी देकर ही गंगनहर के बारे में सोचता है। बीबीएमबी की ओर से तय किए शेयर को पंजाब जल संसाधन विभाग के अधिकारी धत्ता बताकर पहले अपनी नहरों का सोचते हैं। इसके बाद गंगनहर को जो पानी मिलता है, उसमें से भी बड़ी मात्रा में चोरी हो जाता है। फिरोजपुर फीडर का पुनर्निर्माण होने के बाद गंगनहर के किसानों की पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा।
Published on:
28 Jul 2024 01:12 am
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