
जिला कलक्टर लोक बंधु ने संभाला कामकाज
#District Collector Lok Bandhu राज्य सरकार ने लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले जिला कलक्टर अंशदीप का तबादला कर दिया। उनके स्थान पर भरतपुर के कलक्टर आईएएस लोकबंधु को यहां कलक्टर के रूप में अपना कार्यभार सोमवार को ग्रहण कर लिया। युवा अफसर लोकबंधु बाड़मेर में भी कलक्टर रह चुके हैं। इससे पहले वे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग भारत सरकार में सहायक सचिव, रावतसर (हनुमानगढ़) और गिर्वा (उदयपुर) में उपखण्ड अधिकारी, जयपुर स्मार्ट सिटी लि. के सीईओ तथा नगर निगम जयपुर हेरिटेज के आयुक्त के पदभार रह चुके हैं। जिला कलक्टर लोक बंधु के ज्वाइनिंग करते ही कई अधिकारियों ने गुलदस्ते देकर स्वागत किया।
विदित रहे कि आईएएस लोक बंधु एक मध्यम वर्ग से हैं और। वह हरियाणा के नारनौल-नांगल चौधरी रोड स्थित मंडी गांव में रहते थे। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा डीएवी स्कूल नारनौल से पूरी की। उनकी दो बड़ी बहनें हैं और दोनों ने पहले यूपीएससी सीएसई है। उनकी बहन क्रांति मुंबई में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में डिप्टी कमिश्नर हैं। वहीं पूजा राजस्थान में आईपीएस अधिकारी हैं। उनकी दोनों बहनों ने उन्हें सिविल सेवा की तैयारी के लिए प्रेरित किया। आईएएस लोक बंधु के पड़दादा राव माधव सिंह एक स्वतंत्रता सेनानी थे।
2014 बैच के है आइएएस लोकबंधु
स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने बी.एससी. की। श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से एमबीए की पढ़ाई पूरी की। अपनी मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने अपनी बहन के साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। पहली बार 2013 में सिविल सेवा परीक्षा में शामिल हुए और उन्होंने परीक्षा पास कर ली लेकिन उनकी रैंक इतनी अच्छी नहीं थी। उन्हें 855वीं रैंक मिली और उनका चयन आईआरटीएस में हो गया। अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं होने के कारण 2014 में फिर से परीक्षा में बैठे और इस बार उन्होंने अपने सपने को हकीकत में बदल दिया। उनका चयन आईएएस अधिकारी के रूप में हो गया।
श्रीगंगानगर के 55 वें कलक्टर
रामनगर से श्रीगंगानगर और उसके बाद 30 मार्च 1949 को जिला बने श्रीगंगानगर के 75 साल के सफर में 54 और अब 24 साल में 23 कलक्टर बदले जा चुके हैं। आइएएस अंशदीप का तबादला हो गया। उनके स्थान पर अब आईएएस लोक बंधु 55वें कलक्टर के रूप में ज्वाइन किया। चम्पालाल कोचर श्रीगंगानगर में चार बार कलक्टर रहे। जिले के पहले कलक्टर एमजी दलेला को 22 सितम्बर 1949 को नियुक्त किया गया था। जहां तक जिले में कलक्टरों के पदस्थापन और तबादले का सवाल है तो चौबीस साल में अधिकांश कलक्टरों का कार्यकाल एक वर्ष भी नहीं रहा।
Published on:
19 Feb 2024 01:40 pm
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